झारखंड ने दावोस में ऊर्जा उत्पादन, उपभोग और सतत विकास पर वैश्विक साझेदारी को दिया नया आयाम

झारखंड ने दावोस में ऊर्जा उत्पादन, उपभोग और सतत विकास पर वैश्विक साझेदारी को दिया नया आयाम

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रांची/दावोस : विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक 2026 के दूसरे दिन झारखंड ने ऊर्जा, सतत विकास और क्षेत्रीय नेतृत्व के वैश्विक संवादों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य ने अंतरराष्ट्रीय नीति निर्माताओं, निवेशकों और संगठनों के साथ महत्वपूर्ण चर्चाओं में सक्रिय भाग लिया, जिससे झारखंड की स्वच्छ ऊर्जा और समावेशी विकास की प्रतिबद्धता वैश्विक मंच पर उभरकर सामने आई।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इंटर-मिनिस्टीरियल डायलॉग में दिया संबोधन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने “कैपिटल इन एक्शन: स्केलिंग एनर्जी सिस्टम्स थ्रू पॉलिसी, फाइनेंस एंड रीजनल लीडरशिप” विषयक प्रमुख सत्र में भाग लिया। इस चर्चा में स्लोवाकिया के पूर्व वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री वाजिल हुडाक सहित वैश्विक नेता शामिल थे। संवाद का फोकस सतत और समावेशी आर्थिक विकास के लिए वैश्विक सहयोग ढांचे को मजबूत करने पर रहा।

चर्चा में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार, भारी वाहन निर्माण में निवेश, बागवानी क्षेत्र में टिकाऊ पद्धतियां, नवाचार-आधारित वित्तपोषण और प्रभावी नीतिगत समन्वय जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने झारखंड के प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर लागू करने में राज्यों की भूमिका सर्वोपरि है।

राज्यों की भूमिका पर मुख्यमंत्री का जोर

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “वैश्विक स्तर पर तय जलवायु और स्थिरता लक्ष्यों को हासिल करने के लिए राज्यों का सक्रिय योगदान अनिवार्य है।” उन्होंने झारखंड द्वारा औद्योगिक विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ संतुलित करने, रोजगार सृजन बढ़ाने और क्षेत्रीय आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। राज्य “ग्रोथ इन हार्मनी विद नेचर” के विजन के साथ आगे बढ़ रहा है, जो आर्थिक विस्तार को पर्यावरण संरक्षण और समुदाय कल्याण से जोड़ता है।

झारखंड की वैश्विक भागीदारी का महत्व

यह झारखंड की WEF में पहली भागीदारी है, जिसमें राज्य ने इंडिया पवेलियन और झारखंड पवेलियन के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्यमंत्री को WEF द्वारा प्रतिष्ठित ‘व्हाइट बैज’ सम्मान से नवाजा गया, जो वैश्विक नेताओं को दिया जाने वाला उच्च सम्मान है। राज्य ने ग्रीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स, सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग और टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर फोकस किया।

झारखंड वैश्विक साझेदारियों के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों के स्केल-अप, सतत औद्योगिकीकरण और समावेशी विकास की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। यह भागीदारी राज्य के 2050 तक समृद्ध झारखंड और भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को नई गति प्रदान करेगी।

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