धनबाद में धनबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं द्वारा अनिश्चितकालीन पेन-डाउन स्ट्राइक शुरू, कोर्ट परिसर में न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप

धनबाद में धनबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं द्वारा अनिश्चितकालीन पेन-डाउन स्ट्राइक शुरू, कोर्ट परिसर में न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप

धनबाद में धनबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं द्वारा अनिश्चितकालीन पेन-डाउन स्ट्राइक शुरू, कोर्ट परिसर में न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप

धनबाद में धनबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं द्वारा अनिश्चितकालीन पेन-डाउन स्ट्राइक शुरू, कोर्ट परिसर में न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप

धनबाद, 29 जनवरी : झारखंड के कोयला राजधानी धनबाद में अधिवक्ताओं का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। सदर अस्पताल परिसर में बार एसोसिएशन के लिए निर्धारित एकमात्र आवागमन रास्ते को जिला प्रशासन द्वारा बाउंड्री वॉल बनाकर बंद करने के विरोध में धनबाद बार एसोसिएशन ने 29 जनवरी (गुरुवार) से अनिश्चितकालीन पेन-डाउन स्ट्राइक (न्यायिक कार्य बहिष्कार) शुरू कर दी है।

इसके चलते धनबाद जिला न्यायालय में सभी प्रकार की सुनवाई, केस फाइलिंग, जमानत याचिकाएं और अन्य न्यायिक कार्य पूरी तरह बंद हो गए हैं। हजारों मुकदमे प्रभावित होने की आशंका है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा हो रही है।विवाद की जड़सदर अस्पताल परिसर के भीतर से गुजरने वाला यह रास्ता वर्षों से धनबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के आने-जाने और वाहन पार्किंग के लिए उपयोग में था।
जिला प्रशासन ने सुरक्षा या अन्य कारणों से बाउंड्री वॉल खड़ी कर इस रास्ते को पूरी तरह सील कर दिया, बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए।
इससे अधिवक्ताओं को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है, साथ ही कोर्ट आने-जाने वाले आम नागरिक भी प्रभावित हो रहे हैं।

बुधवार (28 जनवरी) को अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर से रणधीर वर्मा चौक तक जोरदार विरोध मार्च निकाला। मार्च के दौरान जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। बार एसोसिएशन के महासचिव जितेंद्र कुमार ने कहा,
“अधिवक्ता कानून के रक्षक हैं और हमेशा प्रशासन के साथ खड़े रहे हैं। लेकिन अब लग रहा है कि बिना वकीलों के भी न्यायिक व्यवस्था चलाई जा सकती है। कई दौर की बातचीत के बावजूद सिर्फ आश्वासन मिले, कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। जब तक रास्ता बहाल नहीं होगा, हड़ताल जारी रहेगी।”

प्रशासन की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं

जिला प्रशासन की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान या रास्ता खोलने की कार्रवाई की सूचना नहीं मिली है। यदि वार्ता नहीं हुई तो हड़ताल लंबी खिंच सकती है, जिससे न्याय प्रक्रिया पर गहरा असर पड़ेगा।धनबाद बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि रास्ता बहाल होने और लिखित आश्वासन मिलने पर ही कार्य बहाल होगा।

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