कांग्रेस ने ठेठाईटांगर में मनरेगा, पेसा और एसआईआर पर विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया: जनता की आवाज मजबूत करने का संकल्प
शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा : ठेठाईटांगर प्रखंड में गुरुवार को मनरेगा बचाओ संग्राम, पेसा कानून नियमावली और एस.आई.आर. (सोशल इम्पैक्ट रिव्यू या संबंधित मूल्यांकन) पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कांग्रेस जिला अध्यक्ष सह सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा, कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी और महिला जिला अध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
विधायक भूषण बाड़ा ने कहा, “मनरेगा सिर्फ मजदूरी देने की योजना नहीं है, यह ग्रामीण सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार है। आज जरूरत है कि इसका सही क्रियान्वयन हो, काम समय पर मिले और भुगतान में कोई देरी न हो। पेसा कानून हमारे गरीब आदिवासी समाज की अस्मिता की ढाल है। ग्रामसभा को अधिकार मिले बिना विकास अधूरा है।” उन्होंने जोर दिया कि यह प्रशिक्षण कार्यकर्ताओं को सरकारी योजनाओं का सही मूल्यांकन करने, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में सक्षम बनाएगा। कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा, “झारखंड की ताकत गाँव है और गाँव की ताकत उसकी जनता। पेसा कानून हमारे समुदाय को निर्णय लेने की शक्ति देता है। इसका सही पालन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मनरेगा से हजारों परिवारों की आजीविका चलती है, इसमें किसी भी लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बी.एल.ए. को मिला यह प्रशिक्षण भविष्य में अधिक पारदर्शी पंचायत व्यवस्था बनाएगा।”
महिला जिला अध्यक्ष जोसिमा खाखा ने महिलाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा, “पेसा कानून और मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी सबसे अहम है। हर महिला अपने अधिकारों को जाने, ग्रामसभा में भाग ले और योजनाओं की निगरानी करे। यही असली बदलाव है। आज का शिविर महिलाओं, युवाओं और पंचायत प्रतिनिधियों को मजबूत बनाएगा, ताकि हर योजना का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे और ग्रामीण विकास में महिलाएं समान भागीदार बनें।”
शिविर में एस.आई.आर.प्रशिक्षण के लिए जीप सदस्य सामरोम पौल तोपनो, सुचिता तिर्की और डॉ. इम्तियाज हुसैन ने 86 बूथों के सभी बी.एल.ए. को तकनीकी एवं व्यवहारिक जानकारी दी। चर्चा के प्रमुख विषयों में मनरेगा कार्यों की पारदर्शिता, जन-भागीदारी बढ़ाना, पेसा नियमावली के तहत ग्रामसभा सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं के सामाजिक प्रभाव का मूल्यांकन शामिल थे।
कार्यक्रम में प्रखंड अध्यक्ष अशफाक आलम, मंडल अध्यक्ष जॉन लकड़ा, जॉनसन डांग, सांसद प्रतिनिधि फ्रांसिस बिलुंग, विधायक प्रतिनिधि शमी आलम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


















