मईया सम्मान योजना की एकमुश्त राशि का इंतजार तेज
होली से पहले खुशखबरी?
झारखंड की लाखों महिलाओं की नजरें इन दिनों मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना पर टिकी हैं। होली नजदीक है और त्योहार की तैयारियों के बीच महिलाएं उम्मीद लगाए बैठी हैं कि सरकार जल्द ही एकमुश्त राशि उनके खातों में भेजेगी। यह रकम उनके लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि त्योहार की खुशियों को और रंगीन बनाने का जरिया भी है।
बजट में बड़ा प्रावधान
13,363.35 करोड़ रुपए से मिलेगा आर्थिक संबल वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में झारखंड सरकार ने इस योजना के लिए 13,363.35 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। यह राशि राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि महिलाएं घरेलू जरूरतों और छोटे खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहें।
37.55 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ
महिला दिवस से हो सकती है शुरुआत सूत्रों के अनुसार, 8 मार्च यानी महिला दिवस से योजना के तहत राशि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। राज्य की करीब 37.55 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने वाला है। अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक हुआ, तो लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे।
हर महीने 2500, लेकिन अब एक साथ 7500 रुपए
सरकार ने पहले हर महीने 2500 रुपए देने की घोषणा की थी। हालांकि अब तीन महीने की राशि एक साथ यानी 7500 रुपए ट्रांसफर करने की तैयारी है। एकमुश्त रकम मिलने की खबर से महिलाओं की खुशी दोगुनी हो गई है। इससे उन्हें होली की खरीदारी, बच्चों की जरूरतों और घरेलू खर्चों में काफी सहूलियत मिलेगी।
कुछ महिलाएं अब भी इंतजार में
पहली किश्त नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी जहां अधिकतर महिलाएं राशि मिलने की उम्मीद में उत्साहित हैं, वहीं कुछ लाभार्थी ऐसी भी हैं जिन्हें अब तक पहली किश्त नहीं मिली है। इससे उनमें असंतोष और चिंता देखने को मिल रही है। वे चाहती हैं कि सरकार जल्द से जल्द लंबित भुगतान भी जारी करे, ताकि सभी को समान लाभ मिल सके।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
अब सबकी निगाहें सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। जैसे ही संबंधित विभाग की ओर से हरी झंडी मिलेगी, लाभार्थियों के खातों में राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। होली से पहले अगर यह रकम महिलाओं के खातों में पहुंचती है, तो त्योहार की खुशियों में सचमुच चार चांद लग सकते हैं।


















