महाशिवरात्रि 2026: देशभर में भक्ति का सैलाब, ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से गूंजे शिवालय
आज फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि का पावन पर्व पूरे भारत में अत्यंत श्रद्धा, हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही शिव मंदिरों और शिवालयों में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं, जो भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह के उपलक्ष्य में विशेष पूजा-अर्चना, जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक कर रहे हैं। चारों ओर ‘हर हर महादेव’, ‘बम भोले’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयकारे गूंज रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और दिव्य हो उठा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस वर्ष महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है क्योंकि सर्वार्थसिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो साधना और पूजा को अत्यधिक फलदायी बनाता है। 12 ज्योतिर्लिंगों सहित देश के प्रमुख शिव मंदिरों जैसे काशी विश्वनाथ (वाराणसी), महाकालेश्वर (उज्जैन), बैद्यनाथ धाम (देवघर), सोमनाथ, केदारनाथ, त्र्यंबकेश्वर आदि में भव्य आयोजन हो रहे हैं। लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ पड़े हैं, जहां पुष्प वर्षा, विशेष आरती और भजन-कीर्तन का सिलसिला जारी है।
काशी में बाबा विश्वनाथ को दूल्हे के रूप में सजाया गया है, जबकि उज्जैन से लेकर अन्य शहरों तक भक्ति का माहौल छाया हुआ है। भक्त उपवास रखकर रात्रि जागरण कर रहे हैं और निशीथ काल में शिवलिंग पर विशेष अभिषेक कर रहे हैं।
यह पर्व न केवल भगवान शिव की आराधना का प्रतीक है, बल्कि आध्यात्मिक जागरण, नकारात्मकता का नाश और आत्मिक शांति का अवसर भी प्रदान करता है।

















