हिंडाल्को पर 38 लाख का जुर्माना: विधायक सरयू राय के सवाल पर जगी सरकार
हिंडाल्को पर 38 लाख का जुर्माना: विधायक सरयू राय के सवाल पर जगी सरकार

जमशेदपुर/राँची | 10 मार्च झारखंड के कद्दावर नेता और जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय की सक्रियता के कारण राज्य में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का एक बड़ा मामला सामने आया है। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (मूरी वर्क्स) द्वारा बिना अनुमति के भारी मात्रा में रेड मड (Red Mud) की आपूर्ति करने पर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने 37,96,875 लाख का जुर्माना लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने गोला-ओरमांझी सड़क निर्माण के ट्रायल के लिए NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) को 2 लाख टन रेड मड की सप्लाई की थी। नियम के मुताबिक, बिना विशेष पर्यावरणीय अनुमति के कोई भी कंपनी केवल 1 टन (1000 किलो) रेड मड ही दे सकती है। हिंडाल्को ने इस सीमा का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति के ही लाखों टन कचरा (रेड मड) भेज दिया।
मुख्य बिंदु:
नियमों की अनदेखी: नियमों के अनुसार 1 टन की अनुमति थी, लेकिन सप्लाई 2 लाख टन की गई।
देरी से कार्रवाई: यह सप्लाई अक्टूबर 2024 में हुई थी, लेकिन विभाग करीब 2 साल तक सोता रहा।
विधानसभा में उठा मुद्दा: जब विधायक सरयू राय ने विधानसभा में इस पर ‘तारांकित प्रश्न’ पूछा, तब जाकर विभाग ने अपनी गलती मानी और 26 फरवरी 2026 को जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया।
विधायक सरयू राय ने उठाए सवाल
सरयू राय ने इस कार्रवाई पर संतोष तो जताया, लेकिन विभाग की सुस्ती पर सवाल भी खड़े किए। उन्होंने कहा:
“रेड मड की आपूर्ति 2024 में ही कर दी गई थी, लेकिन दो साल तक प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने कोई कदम नहीं उठाया। मेरे विधानसभा प्रश्न के बाद ही सरकार ने यह जुर्माना लगाया है। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस राशि को कंपनी से वसूल कर पाती है या नहीं।”
रेड मड क्या है और क्यों है खतरनाक?
एल्युमीनियम बनाने की प्रक्रिया में जो जहरीला कचरा निकलता है, उसे रेड मड कहते हैं। इसमें भारी धातुएं और रसायन होते हैं, जो मिट्टी और पानी को प्रदूषित कर सकते हैं। इसीलिए इसके उपयोग के लिए कड़े पर्यावरणीय नियम बनाए गए हैं।


















