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LPG संकट पर झामुमो का केंद्र पर हमला: सुप्रियो भट्टाचार्य बोले— मोदी जी बताएं ‘LNG यानी लिक्विड नाली गैस’ का विकल्प”

रांची : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। खासकर एलपीजी (LPG) को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। इसी मुद्दे को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

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झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने बुधवार को प्रेस वार्ता में नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कभी LPG का विकल्प बताया था, लेकिन आज देश की जनता को उसी टेक्नोलॉजी की जरूरत पड़ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “गंदी नाली के बगल में किचन बनाकर LNG यानी ‘लिक्विड नाली गैस’ अपनाने” की बात कही गई थी, अब सरकार बताए कि वह विकल्प कहां है।

भट्टाचार्य ने कहा कि देश इस समय बेहद गंभीर स्थिति से गुजर रहा है और ऊर्जा संकट भयावह रूप लेता जा रहा है। संसद का सत्र चल रहा है, लेकिन केंद्र सरकार के मंत्री संसद के जरिए देश को गुमराह कर रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री सुबह कहते हैं कि LPG की कोई कमी नहीं है, जबकि शाम होते-होते सिलेंडर के दाम बढ़ जाते हैं।

उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर भी तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ सरकार कहती है कि ऊर्जा का कोई संकट नहीं है, वहीं दूसरी ओर घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग के लिए 25 दिनों का अंतराल तय करने की गाइडलाइन जारी कर दी जाती है।

झामुमो नेता ने कहा कि इस समय रमजान का महीना चल रहा है और साथ ही शादी-विवाह का भी सीजन है। ऐसे समय में LPG संकट उभर कर सामने आया है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने विदेश नीति को व्यक्तिगत नीति बना दिया है, जिसके कारण यह स्थिति पैदा हुई है।

भट्टाचार्य ने कहा कि अमेरिका के सामने झुकने और पारंपरिक मित्र देशों के साथ संबंध खराब करने की वजह से भारत की स्थिति कमजोर हुई है। उनका कहना है कि पहले रूस और ईरान जैसे देशों के साथ भारत के मजबूत संबंध थे, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि संकट की घड़ी में सहयोग भी मुश्किल हो गया है।

उन्होंने दावा किया कि राजधानी रांची में हालात ऐसे हैं कि करीब 25 प्रतिशत मेस बंद हो गए हैं और चौक-चौराहों पर खाने-पीने की कई दुकानें भी बंद पड़ी हैं।

आगे उन्होंने कहा कि देश इस तरह के संकट के लिए तैयार नहीं था, लेकिन केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आम लोगों की थाली पर असर पड़ रहा है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जिस तरह कोरोना के समय ताली और थाली बजाकर उसे भगाने की बात कही गई थी, उसी तरह अब “लिक्विड नाली गैस” का वितरण भी सरकार को ही करना चाहिए।

हालांकि जब उनसे पूछा गया कि क्या केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस संकट से निपट सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि LPG, CNG और पेट्रोलियम जैसे विषय राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते और यह पूरा संकट केंद्र सरकार की नीतियों का परिणाम है।

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