रामनवमी शोभायात्रा के दौरान दिखी गंगा-जमुनी तहजीब, आंधी-तूफान में मुस्लिम युवाओं ने संभाली महावीरी पताका
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा में रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान उस समय एक अनोखी मिसाल देखने को मिली, जब अचानक आए आंधी-तूफान और बारिश के बीच मुस्लिम युवाओं और स्थानीय दुकानदारों ने आगे बढ़कर भाईचारे और इंसानियत का परिचय दिया।
जानकारी के अनुसार, शोभायात्रा जब भट्ठी टोली चौक पहुंची, तभी अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। तेज हवाओं के कारण शोभायात्रा में शामिल विशाल महावीरी पताका अनियंत्रित हो गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इसी दौरान वहां मौजूद मुस्लिम युवाओं ने तत्परता दिखाते हुए आगे बढ़कर पताका को संभालने में सहयोग किया। श्रद्धालुओं और युवाओं ने मिलकर स्थिति को काबू में किया और किसी बड़ी घटना को टाल दिया। यह दृश्य सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की मिसाल बन गया।
वहीं, जुलूस में शामिल लोग जब तेज बारिश से बचने के लिए इधर-उधर भागे, तो कॉलेज मोड़ और हारून रशीद चौक स्थित दुकानदारों ने भी बड़ा दिल दिखाया। उन्होंने अपने दुकानों और घरों के दरवाजे खोलकर लोगों को अंदर बैठाया और सुरक्षित जगह दी।
करीब 15-20 मिनट बाद जब मौसम सामान्य हुआ, तो शोभायात्रा पुनः नीचे बाजार की ओर रवाना हो गई। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि विपरीत परिस्थितियों में भी सामाजिक एकता और भाईचारा सबसे बड़ी ताकत होती है।
















