नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने वाले हो जाये सावधान: रांची ट्रैफिक पुलिस का सख्त कदम, हो सकती है जेल
नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने वाले हो जाये सावधान: रांची ट्रैफिक पुलिस का सख्त कदम, हो सकती है जेल
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रांची: झारखंड की राजधानी रांची में वाहन की नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है। पुलिस ने अब केवल जुर्माना लगाने के बजाय सीधे FIR दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। हाल के दिनों में कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और कुछ आरोपियों को सलाखों के पीछे भी भेजा गया है।
अपराधियों का नया हथियार बनी ‘फेक नंबर प्लेट’
शहर के पुनदाग, खेलगांव और टाटीसिलवे थाना क्षेत्रों में हाल ही में पेट्रोल पंपों पर लूट की कई घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इन वारदातों में इस्तेमाल किए गए वाहनों की नंबर प्लेट या तो गायब थी या उनके साथ छेड़छाड़ की गई थी। इस वजह से अपराधी सीसीटीवी कैमरों की नजर से बचने में कामयाब हो रहे थे।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, पहले लोग केवल ऑनलाइन चालान से बचने के लिए नंबरों को छिपाते थे, लेकिन अब शातिर अपराधी भी इसी तरीके का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
आंकड़ों में पुलिस की कार्रवाई
ट्रैफिक विभाग के अधिकारी राकेश सिंह ने इस अभियान की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि:
पिछले 2-3 महीनों के भीतर 10 से ज्यादा FIR दर्ज की जा चुकी हैं।
नंबर प्लेट से छेड़छाड़ के मामले में 4 लोगों को जेल भेजा गया है।
लगभग 50 वाहनों को जब्त कर कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजा गया है।
चौक-चौराहों पर विशेष चेकिंग अभियान
राजधानी के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी भी वाहन की नंबर प्लेट पर कपड़ा, टेप, मिट्टी या किसी अन्य वस्तु से नंबर छिपाने की कोशिश की गई है, तो उसे तुरंत पकड़कर कोर्ट प्रॉसिक्यूशन के लिए भेजा जाए।
चेतावनी: नंबर प्लेट के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ करना एक गंभीर ‘क्रिमिनल ऑफेंस’ (आपराधिक अपराध) है। पकड़े जाने पर न केवल भारी जुर्माना देना होगा, बल्कि आपको जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।
स्वचालित चालान प्रणाली (ITMS) पर पैनी नजर
रांची में अब अधिकांश जगहों पर कैमरों के जरिए स्वचालित चालान काटे जा रहे हैं। पुलिस ने साफ किया है कि तकनीक को धोखा देने की कोशिश करने वालों पर अब मैन्युअल और डिजिटल दोनों तरीकों से नजर रखी जा रही है।
















