हजारीबाग: "वह मेरी पत्नी नहीं हो सकती..." विष्णुगढ़ मामले में फूट-फूट कर रोया पीड़ित पिता, की कठोरतम सजा की मांग

हजारीबाग: “वह मेरी पत्नी नहीं हो सकती…” विष्णुगढ़ मामले में फूट-फूट कर रोया पीड़ित पिता, की कठोरतम सजा की मांग

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हजारीबाग: “वह मेरी पत्नी नहीं हो सकती…” विष्णुगढ़ मामले में फूट-फूट कर रोया पीड़ित पिता, की कठोरतम सजा की मांग

हजारीबाग: "वह मेरी पत्नी नहीं हो सकती..." विष्णुगढ़ मामले में फूट-फूट कर रोया पीड़ित पिता, की कठोरतम सजा की मांग

विष्णुगढ़ (हजारीबाग): हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में मासूम बच्ची के साथ हुई क्रूरता के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध के सामने आने के बाद अब पीड़ित पिता का दर्द और आक्रोश फूट पड़ा है। रत्नागिरी में मजदूरी कर परिवार पालने वाले पिता ने अपनी ही पत्नी और अन्य आरोपियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

“ममता को शर्मसार करने वाली मेरी पत्नी नहीं हो सकती”
भावुक और गुस्से से भरे पिता ने कहा कि जिसने अपनी ही मासूम बच्ची के साथ ऐसा अमानवीय कृत्य किया, वह उसकी पत्नी कहलाने के लायक नहीं है। उन्होंने रुंधे गले से कहा, “जिसने ममता का गला घोंटा, वह मेरी पत्नी हो ही नहीं सकती। मेरा विश्वास पूरी तरह टूट चुका है।”

पाई-पाई जोड़कर भेजता था घर, मिला मौत का समाचार
पीड़ित ने बताया कि वह महाराष्ट्र के रत्नागिरी में रहकर दिन-रात कड़ी मेहनत (मजदूरी) करता था। वह नियमित रूप से घर पैसे भेजता था ताकि उसके बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर परवरिश मिल सके। उसे कभी अंदाजा भी नहीं था कि जिस घर की खुशहाली के लिए वह घर से दूर पसीना बहा रहा है, वहीं उसकी अपनी पत्नी ऐसा खौफनाक कदम उठाएगी।

पिता की मांग: “जेल में ही खत्म हो आरोपियों की जिंदगी”
पिता ने प्रशासन और सरकार से स्पष्ट मांग की है कि:
इस जघन्य अपराध में शामिल तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा मिले।
उनकी पूरी जिंदगी सलाखों के पीछे ही गुजरे और मौत भी वहीं हो।
पुलिस इस मामले में इतनी पुख्ता कार्रवाई करे कि समाज में एक मिसाल पेश हो।

पुतला दहन कर तोड़ेंगे रिश्ता

अपने भीतर के आक्रोश को व्यक्त करते हुए पिता ने कहा कि वे अपनी पत्नी का पुतला दहन करेंगे। उनके लिए वह महिला अब मर चुकी है। इस प्रतीकात्मक विरोध के जरिए वे इस ‘काले अध्याय’ को अपने जीवन से हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहते हैं।

पुलिसिया कार्रवाई पर भरोसा

पीड़ित पिता ने स्थानीय पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर संतोष जताया है और उम्मीद जताई है कि कोर्ट से दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल, इस बयान के बाद इलाके में आरोपियों के खिलाफ जनाक्रोश और भी बढ़ गया है।
ब्यूरो रिपोर्ट,

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