Bokaro treasury scam : 3.15 करोड़ की हेराफेरी में अकाउंटेंट गिरफ्तार, DC ने गठित की उच्च स्तरीय जांच समिति

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Bokaro treasury scam : 3.15 करोड़ की हेराफेरी में अकाउंटेंट गिरफ्तार, DC ने गठित की उच्च स्तरीय जांच समिति
Bokaro treasury scam : 3.15 करोड़ की हेराफेरी में अकाउंटेंट गिरफ्तार, DC ने गठित की उच्च स्तरीय जांच समिति</strong>

बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में सरकारी खजाने में बड़ी सेंधमारी का मामला सामने आया है। पुलिस विभाग के वेतन मद से 3.15 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के आरोप में अकाउंटेंट कौशल कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस वित्तीय घोटाले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त (DC) श्री अजय नाथ झा ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर मामले की तह तक जाने के निर्देश दिए हैं।

खबर का मुख्य विवरण

यह घोटाला तब उजागर हुआ जब 06 अप्रैल 2026 को स्थानीय समाचार पत्रों में संदिग्ध निकासी की खबर प्रकाशित हुई। जांच में पता चला कि वित्तीय वर्ष 2024-25 (मई 2024 से मार्च 2026) के दौरान पुलिस उप निरीक्षक उपेन्द्र सिंह के नाम पर वेतन की राशि निकाली गई और उसे अकाउंटेंट कौशल कुमार पाण्डेय ने अवैध रूप से अपनी पत्नी के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया।

त्वरित कार्रवाई: गिरफ्तारी और फिर

अपर समाहर्ता (AC) मो. मुमताज अंसारी की प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद, प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई:

FIR दर्ज: ट्रेजरी ऑफिसर (TO) गुलाब चंद उरांव ने बी.एस. सिटी थाने में देर रात प्राथमिकी दर्ज कराई।
गिरफ्तारी: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अकाउंटेंट कौशल कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
खाते फ्रीज: उपायुक्त के निर्देश पर आरोपी और उससे जुड़े संदिग्ध खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अब DDC के नेतृत्व में होगी ‘हाई लेवल’ जांच

अपर समाहर्ता की अनुशंसा पर उपायुक्त ने मामले की व्यापक जांच के लिए एक विशेष समिति बनाई है। उप-विकास आयुक्त (DDC) को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

समिति में शामिल सदस्य:
अपर समाहर्ता (AC)
राज्यकर सहायक आयुक्त
DSP स्तर के नामित पुलिस पदाधिकारी
DRDA के वरीय लेखा पदाधिकारी

उपायुक्त ने इस समिति को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। समिति यह पता लगाएगी कि इस गबन में विभाग के अन्य कौन-कौन से लोग शामिल हैं और सिस्टम में कहां चूक हुई।

भविष्य के लिए सख्त निर्देश

उपायुक्त अजय नाथ झा ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब ट्रेजरी से किसी भी निकासी से पहले विस्तृत जांच का अनिवार्य आदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्ध है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उपायुक्त स्वयं इस पूरी स्थिति और जांच की निगरानी कर रहे हैं।

वर्तमान में, बोकारो पुलिस अधीक्षक को मामले में शामिल अन्य संभावित चेहरों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

रिपोर्ट: ब्यूरो, बोकारो

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