असम विधानसभा चुनाव-2026: चुनावी शोर थमते ही माँ कामाख्या (kamakhya temple)की शरण में पहुँचे सीएम हेमन्त सोरेन
असम विधानसभा चुनाव-2026: चुनावी शोर थमते ही माँ कामाख्या (temple)की शरण में पहुँचे सीएम हेमन्त सोरेन

गुवाहाटी /रांची : 7 अप्रैल -असम विधानसभा चुनाव 2026 के धुआंधार और व्यापक चुनावी अभियान के समापन पर झारखंड के मुख्यमंत्री एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के अध्यक्ष हेमन्त सोरेन ने आज अपनी आस्था प्रकट की। उन्होंने गुवाहाटी स्थित विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ कामाख्या मंदिर पहुँचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और माता रानी का आशीर्वाद लिया।
प्रचार के बाद आध्यात्मिक विश्राम
पिछले कई दिनों से असम के विभिन्न जिलों में आदिवासी समुदायों, चाय बागान मजदूरों और आम जनता के बीच रैलियाँ और जनसंपर्क करने के बाद, मुख्यमंत्री ने अपने प्रवास का समापन माँ कामाख्या के दरबार में हाजिरी लगाकर किया। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई, जहाँ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर साष्टांग दंडवत प्रणाम किया।
सुख-समृद्धि और सामाजिक न्याय की कामना
पूजा के उपरांत मुख्यमंत्री ने झारखंड और असम दोनों राज्यों की जनता के लिए मंगल कामना की। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित प्रार्थनाएँ कीं:
सर्वांगीण विकास: दोनों राज्यों में प्रगति और खुशहाली बनी रहे।
आदिवासी हित: जनजातीय समुदायों और पिछड़ों को उनके हक और अधिकार मिलें।
शांति और सौहार्द:पूर्वोत्तर सहित पूरे देश में सामाजिक समरसता और भाईचारा मजबूत हो।
असम चुनाव के इस महत्वपूर्ण अभियान के अंत में मुझे माँ कामाख्या के चरणों में आने का सौभाग्य मिला। यहाँ की जनता ने जो अपार स्नेह दिया है, वह अभिभूत करने वाला है। माँ की कृपा से झारखंड प्रगति पथ पर है, और मेरी प्रार्थना है कि असम की जनता का भविष्य भी उज्ज्वल और न्यायपूर्ण हो।
हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री (झारखंड)
सियासी गलियारों में चर्चा
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का यह दौरा राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। असम में आदिवासियों और चाय बागान श्रमिकों के बीच JMM की बढ़ती सक्रियता के बीच, सीएम का यह मंदिर दर्शन उनके ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ और ‘सांस्कृतिक जुड़ाव’ के समन्वय के रूप में देखा जा रहा है।
प्रचार अभियान समाप्त होने के बाद अब सबकी नजरें मतदान और चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।
यह भी पढ़ें:

















