जनता दरबार बना राहत का दरबार: दिव्यांग को मिली नई राह, फर्जी जमीन मामले में जांच के आदेश
रांची : रांची जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जनता दरबार एक बार फिर आम लोगों के लिए राहत और न्याय का प्रभावी मंच साबित हुआ। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित इस दरबार में विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित और ठोस कार्रवाई की गई।
जनता दरबार में ईटकी निवासी दिव्यांग रामेश्वर महतो ने इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल के लिए आवेदन दिया। उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। आवेदन के कुछ ही समय बाद रामेश्वर महतो को इलेक्ट्रिक ट्राइसाइकिल मिल गई, जिससे वे बेहद भावुक हो उठे और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
अनगड़ा अंचल के सुदेश कुमार ने फर्जी दस्तावेज के जरिए जमीन हड़पने की शिकायत दर्ज कराई। उपायुक्त ने तुरंत अनगड़ा सीओ से ऑनलाइन बातचीत कर जानकारी ली और उन्हें शोकॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी से कराने और रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए गए।
जनता दरबार में पंजी-2 सुधार, भूमि सीमांकन, दाखिल-खारिज में देरी, अतिक्रमण और रसीद निर्गत नहीं होने जैसी कई शिकायतें सामने आईं। उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से संबंधित शिकायतों पर भी उपायुक्त ने गंभीरता दिखाई और अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को समय पर योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
एक अहम निर्णय लेते हुए उपायुक्त ने बताया कि मंगलवार को अवकाश रहने के कारण अब सभी अंचलों में जनता दरबार बुधवार को आयोजित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा कर आम जनता को राहत पहुंचाई जाए।


















