Chaibasa police 20 stolen motorcycles recovered.

चाईबासा पुलिस की  कामयाबी: अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, 20 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद

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चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ चलाए गए एक विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक अंतरजिला बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने विभिन्न जगहों से चोरी की गई 20 मोटरसाइकिलों को बरामद किया है।

कैसे पकड़े गए आरोपी?

प्रेस वार्ता के दौरान विनीत कुमार किंडो ने बताया कि 1 जून को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नोवामुंडी क्षेत्र में चोरी की बाइकों की खरीद-बिक्री की जा रही है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नोवामुंडी, किरीबुरू, बड़ा जामदा और जमशेदपुर पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने सबसे पहले डुकासाई गांव के सोनू लोहरा उर्फ भोला को गिरफ्तार किया। उससे हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने राज पूर्ति (निवासी: टोटोंगड़ा, छोटानागरा) को भी हिरासत में ले लिया। आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और उन्हीं की जानकारी पर पुलिस ने छिपाकर रखी गई 20 बाइकें बरामद कीं।

सुनसान इलाकों में छिपाकर रखते थे बाइक

जांच में यह बात सामने आई है कि गिरोह के सदस्य बाइकों को चुराने के बाद उसे सीधे बेचने के बजाय सुनसान और ग्रामीण इलाकों में छिपा देते थे। मौका मिलते ही वे इन वाहनों को कम कीमत पर बेच दिया करते थे। पुलिस को संदेह है कि बरामद गाड़ियाँ न केवल झारखंड, बल्कि पड़ोसी राज्य ओडिशा के विभिन्न इलाकों से भी चुराई गई हैं। फिलहाल, गिरोह के अन्य सदस्यों और उनसे बाइक खरीदने वालों की तलाश जारी है।

बरामद वाहनों में ये मॉडल शामिल

पुलिस द्वारा जब्त की गई बाइकों में एक्टिवा, पल्सर एनएस-200, यामाहा आर15, यामाहा एफजेड, यामाहा फेजर, यामाहा फसिनो, होंडा सीबी शाइन, होंडा एविएटर, सुपर स्प्लेंडर, एचएफ डीलक्स और सीबीजेड समेत कई लोकप्रिय मॉडल शामिल हैं।

वाहन मालिकों से अपील

पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि जिन लोगों की बाइक हाल के दिनों में चोरी हुई है, वे पुलिस द्वारा बरामद वाहनों की सूची का मिलान करें। अपनी गाड़ी की पहचान सुनिश्चित करने के लिए वाहन मालिक संबंधित थाना या पुलिस कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों (जैसे आरसी, एफआईआर कॉपी) के साथ संपर्क कर सकते हैं। कोर्ट से सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वैध मालिकों को उनकी बाइक वापस सौंप दी जाएगी।

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