Manoj kumar jha

PM मोदी के ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ पर भड़के मनोज कुमार झा, चुनाव आयोग से की ‘पर्ची’ काटने की मांग

PM मोदी के ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ पर भड़के मनोज कुमार झा, चुनाव आयोग से की ‘पर्ची’ काटने की मांग

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Manoj kumar jha

डेस्क : आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संबोधन को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त को टैग करते हुए इस संबोधन को ‘चुनावी भाषण’ करार दिया।

खबर की 3 बड़ी बातें:
चुनावी खर्च में जुड़े पैसा: मनोज कुमार झा का कहना है कि सरकारी संसाधनों का उपयोग हुआ है, इसलिए इसे BJP के चुनावी फंड से काटा जाना चाहिए।
संस्थाओं की साख पर सवाल:  झा ने तर्क दिया कि चुनाव आयोग और PM पद की गरिमा के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य है।
जनता देगी चंदा: उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि अगर कोई तकनीकी दिक्कत है, तो आम नागरिक चंदा देकर इस भाषण का खर्च भर देंगे, ताकि चुनाव आयोग की निष्पक्षता बनी रहे।

PM मोदी के भाषण का बिल BJP को भेजा जाए?

क्या प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन वास्तव में एक चुनावी संदेश था?  सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने इसी सवाल के साथ चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है।
मनोज कुमार झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संबोधित करते हुए एक तीखा पोस्ट लिखा। मनोज कुमार झा ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ‘परम्परा और मर्यादा’ के तराजू पर तौला और इसे सीधे-सीधे चुनावी फायदे के लिए किया गया प्रचार बताया।
खबर  में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब मनोज कुमार झा ने कहा कि निष्पक्षता के लिए अगर पैसे की कमी है, तो देश के नागरिक चंदा इकट्ठा करने को तैयार हैं। उन्होंने पूछा- “मंजूर है सर??” यह सवाल अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता का वास्तविक स्वरूप कायम रहे, चाहे इसके लिए नागरिक चंदा ही क्यों न देना पड़े।”
मनोज झा का यह स्टैंड आगामी चुनावों के बीच आदर्श आचार संहिता और सरकारी मंचों के उपयोग पर एक नई बहस छेड़ सकता है।

Share via
Share via