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रांची को जाम से मिलेगी मुक्ति: हेमंत कैबिनेट ने दी दो बड़े एलिवेटेड फ्लाईओवरों को मंजूरी, जानें पूरा रूट और बजट

रांची को जाम से मिलेगी मुक्ति: हेमंत कैबिनेट ने दी दो बड़े एलिवेटेड फ्लाईओवरों को मंजूरी, जानें पूरा रूट और बजट

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नवीन कुमार

रांची:  राजधानी रांची में हर दिन लगने वाले घंटों के ट्रैफिक जाम से परेशान लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रांची की दो प्रमुख सड़कों पर फ्लाईओवर निर्माण के प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। इन परियोजनाओं पर कुल 1,120 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

1. अरगोड़ा – हरमू – डिबडीह फ्लाईओवर: भारी ट्रैफिक का समाधान**
यह रांची का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट होगा, जो शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक को कवर करेगा।
लंबाई:  3.8 किलोमीटर
लागत:769 करोड़ रुपये
रूट: यह एलिवेटेड फ्लाईओवर अरगोड़ा चौक से शुरू होकर हरमू होते हुए डिबडीह (बिरजा) तक जाएगा।

 फायदा:  इससे हरमू रोड पर लगने वाले भीषण जाम से राहत मिलेगी। साथ ही, रांची से रामगढ़ और हजारीबाग जाने वाले वाहनों को शहर के भीतर फंसना नहीं पड़ेगा।

2. कर्मटोली चौक – साइंस सिटी फ्लाईओवर: मोरहाबादी की राह होगी आसान

मोरहाबादी और चिरौंडी क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए इस 4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है।
लंबाई: 3.16 किलोमीटर
लागत:  351 करोड़ रुपये
रूट:  यह कर्मटोली चौक से शुरू होकर मोरहाबादी के रास्ते साइंस सिटी (चिरौंडी चौक) तक बनेगा। इसमें मोरहाबादी के लिए 516 मीटर की एक लिंक रोड भी दी जाएगी।

 फायदा: यह अल्बर्ट एक्का चौक और कचहरी की ओर से आने वाले ट्रैफिक के लिए बायपास का काम करेगा, जिससे टैगोर हिल और साइंस सिटी की ओर जाना सुगम हो जाएगा।

> इन फ्लाईओवरों के निर्माण से न केवल रांचीवासियों का समय बचेगा, बल्कि ईंधन की बचत और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। स्थानीय लोग

क्यों जरूरी हैं ये प्रोजेक्ट्स?

रांची की आबादी और वाहनों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से इजाफा हुआ है। अरगोड़ा और कर्मटोली जैसे जंक्शन अब मौजूदा सड़कों की क्षमता से बाहर हो चुके हैं। कैबिनेट के इस फैसले से:
1. यात्रा समय में कमी:  पीक ऑवर्स के दौरान जो दूरी तय करने में 30-40 मिनट लगते थे, वह अब मात्र 5-10 मिनट में पूरी होगी।
2. प्रदूषण पर लगाम:  ट्रैफिक में खड़े वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी आएगी।
3. शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती: रांची एक आधुनिक महानगर के रूप में विकसित हो सकेगा।

जाहिर है की कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब पथ निर्माण विभाग (PWD) जल्द ही इन परियोजनाओं की फाइनल DPR तैयार कर टेंडर जारी करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले भूमि अधिग्रहण की औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएं।

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