झारखंड में तबादला बना ‘कारोबार’? दलालों के जरिए वसूली का आरोप, बाबूलाल मरांडी का सरकार पर बड़ा हमला

रांची : झारखंड की राजनीति में एक बार फिर प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि झारखंड में तबादला प्रक्रिया अब पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था नहीं रह गई, बल्कि एक “संगठित कारोबार” का रूप ले चुकी है।
मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि जिलों में नए पुलिस अधीक्षक (SP) और उपायुक्त (DC) द्वारा मुख्यमंत्री को गुलदस्ता भेंट करना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि कथित रूप से पर्दे के पीछे हुए “लेन-देन” के पूरा होने का संकेत है। उन्होंने इसे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला बताया।
नेता प्रतिपक्ष ने आगे आरोप लगाया कि राज्य में स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब दलालों के जरिए खुलेआम वसूली का खेल चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में एक दलाल के साथ मारपीट की घटना सामने आई, जिसका कारण यह बताया गया कि वसूली की रकम “सही” या कथित अधिकृत व्यक्ति तक नहीं पहुंची थी।
मरांडी ने कहा कि इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि राज्य का प्रशासन अब अधिकारियों के बजाय “दलालों की फौज” के नियंत्रण में काम कर रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने की मांग की है।
हालांकि, राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बयान के बाद राज्य की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है।















