नीट पेपर लीक पर राजद का हमला, NTA को बताया “व्यापार का केंद्र”, चेयरमैन पर कार्रवाई की मांग

रांची : झारखंड प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने नीट परीक्षा पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के मामले में केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लगातार दूसरी बार नीट पेपर लीक होना बेहद गंभीर विषय है और इससे केंद्र सरकार की कार्यशैली तथा विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मंगलवार को जारी बयान में कैलाश यादव ने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET समेत JEE Main, UGC NET और CUET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं का आयोजन करने वाली National Testing Agency निष्पक्ष संस्था के बजाय “व्यापार का केंद्र” बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि NTA में भाजपा और संघ विचारधारा से जुड़े लोगों की मौजूदगी के कारण लगातार पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में भी नीट परीक्षा के दौरान पेपर लीक का मामला सामने आया था, जिसको लेकर देशभर में छात्रों, युवाओं और विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद उस समय परीक्षा रद्द नहीं की गई। वहीं, 2026 में दोबारा पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद परीक्षा रद्द करना सरकार की विफलता को दर्शाता है।
कैलाश यादव ने कहा कि देश आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है और नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के आयोजन में हजारों करोड़ रुपये खर्च होते हैं। ऐसे में बार-बार पेपर लीक होना और परीक्षा रद्द करना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर 30 से 50 लाख रुपये तक में बेचे जा रहे हैं और इसके पीछे “भाजपाई दलालों” तथा पेपर लीक सिंडिकेट की भूमिका है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपने का फैसला लिया है, लेकिन इससे सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। उन्होंने मांग की कि NTA को तत्काल भंग किया जाए और इसके चेयरमैन सहित पूरी टीम पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। कैलाश यादव ने कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को सार्वजनिक कर सख्त सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

















