BJP attacks Birsa Munda jail case, demands judicial inquiry and suspension of officials

बिरसा मुंडा जेल कांड पर भाजपा का हमला, न्यायिक जांच और अधिकारियों के निलंबन की मांग

BJP attacks Birsa Munda jail case, demands judicial inquiry and suspension of officials
BJP attacks Birsa Munda jail case, demands judicial inquiry and suspension of officials

रांची :’बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से जुड़े कथित यौन शोषण और गर्भपात मामले को लेकर भाजपा ने हेमंत सरकार पर लगातार दूसरे दिन भी तीखा हमला बोला। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर और जेल महानिरीक्षक सुदर्शन मंडल पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की।

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अजय साह ने कहा कि जिस तेजी से मामले को दबाने और सबूत मिटाने की कोशिश की गई, उससे यह स्पष्ट होता है कि यह केवल एक व्यक्ति का अपराध नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की मिलीभगत का मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वयं को ईमानदार और सम्मानित अधिकारी बताने वाले कुमार चंद्रशेखर पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं।

भाजपा नेता ने दावा किया कि देवघर में पदस्थापना के दौरान एक महिला शिक्षिका और बाद में एक होमगार्ड महिला ने भी कुमार चंद्रशेखर पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। वहीं हजारीबाग जेल में पदस्थापना के दौरान कुख्यात अपराधी विकास तिवारी को संरक्षण देने और एक सिपाही की पत्नी के शोषण के आरोप भी उन पर लगे थे।

अजय साह ने सवाल उठाया कि यदि महिला कैदी के साथ यौन शोषण नहीं हुआ था, तो 17 मई को गर्भावस्था जांच कराने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि जेल चिकित्सक के बयान से यह स्पष्ट होता है कि 14 अप्रैल को महिला गर्भवती थी और बाद में मामले को छिपाने के लिए गुप्त तरीके से गर्भपात कराया गया।

उन्होंने इस घटना को “कस्टोडियल रेप” करार देते हुए कहा कि यदि कोई महिला किसी मामले में जेल में बंद है, तो इसका अर्थ यह नहीं कि उसके साथ शोषण किया जाए। उन्होंने मथुरा रेप केस का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

भाजपा ने मांग की कि जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर और जेल महानिरीक्षक सुदर्शन मंडल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो और पीड़िता पर किसी प्रकार का दबाव न बनाया जा सके।

अजय साह ने यह भी आरोप लगाया कि रांची उपायुक्त को अंतिम समय तक इस घटना की जानकारी नहीं होना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि बिरसा मुंडा जेल अब माफियाओं के सिंडिकेट के नियंत्रण में है और यह अपराधियों तथा माफिया गिरोहों का सुरक्षित अड्डा बन चुका है।

भाजपा ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने के साथ-साथ इसे राष्ट्रीय महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग और अल्पसंख्यक आयोग के समक्ष उठाने की बात कही है। प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी मौजूद रहे।

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