Delhi Tribal Conclave Just a Political Gimmick: Congress Targets BJP

दिल्ली आदिवासी समागम सिर्फ राजनीतिक दिखावा: कांग्रेस ने BJP पर साधा निशाना

Delhi Tribal Conclave Just a Political Gimmick: Congress Targets BJP

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रिक्की राज 

रांची: दिल्ली में हाल ही में आयोजित ‘आदिवासी समागम’ को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इसे आदिवासियों के हित के बजाय BJP का एक ‘राजनीतिक इवेंट मैनेजमेंट’ करार दिया है।

शुक्रवार को रांची स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार पर आदिवासी समाज को छलने का गंभीर आरोप लगाया।

‘जमीन पर आदिवासियों का अधिकार कमजोर कर रही BJP’

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश
ने कहा कि आदिवासी समाज के नाम पर बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित कर BJP सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ भव्य आयोजन किए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ हकीकत में आदिवासियों के अधिकारों को जमीनी स्तर पर कमजोर किया जा रहा है।

सरना धर्म कोड पर केंद्र की चुप्पी पर सवाल

सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र की BJP सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि झारखंड विधानसभा से ‘सरना धर्म कोड’ का प्रस्ताव पारित होकर वर्षों से केंद्र के पास लंबित है। उन्होंने कहा, “सरना धर्म कोड पर केंद्र की चुप्पी यह साबित करती है कि BJP की नीयत में खोट है। वे इसे केवल चुनावी हथियार के रूप में उपयोग करते हैं।”

सांसद ने आगे कहा कि जल, जंगल और जमीन के अधिकार लगातार छीने जा रहे हैं। आदिवासी क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ी है और स्वास्थ्य-शिक्षा की स्थिति बदहाल है, लेकिन सरकार इन वास्तविक मुद्दों पर पूरी तरह मौन है।

‘जनता BJP की कथनी-करनी में अंतर समझ चुकी है’

विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि दिल्ली का यह आयोजन आदिवासी समाज की वास्तविक समस्याओं—जैसे भूमि अधिग्रहण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन—से ध्यान भटकाने का एक प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की जनता BJP के इन हथकंडों को भली-भांति समझ चुकी है।
वहीं, कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप ने आरोप लगाया कि भाजपा संस्कृति के नाम पर समाज में तनाव पैदा करने की राजनीति कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार को सलाह दी कि वे राजनीतिक मंच सजाने के बजाय आदिवासी क्षेत्रों में विकास और रोजगार पर ध्यान दें।

इस संवाददाता सम्मेलन में पूर्व विधायक डीएन चाम्पिया, गीताश्री उरांव, जोसाई मरांडी, राकेश सिन्हा एवं सोनाल शांति मुख्य रूप से उपस्थित थे।

 

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