झारखंड राज्यसभा चुनाव: एक सीट पर जेएमएम की पकड़ मजबूत, दूसरी पर पूरी ताकत झोंकने को बीजेपी तैयार

रांची : झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। मौजूदा विधानसभा गणित को देखें तो एक सीट पर सत्तारूढ़ गठबंधन, खासकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की जीत लगभग तय मानी जा रही है। वहीं दूसरी सीट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) रणनीतिक तरीके से मैदान में उतरने की तैयारी में है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में इंडिया गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत है। जेएमएम, कांग्रेस, राजद और वाम दलों को मिलाकर गठबंधन के पास करीब 56 विधायक हैं। ऐसे में संख्या बल के आधार पर गठबंधन दोनों सीटें जीत सकता है, लेकिन दूसरी सीट पर उम्मीदवार चयन, वरीयता मत और क्रॉस वोटिंग की संभावना चुनाव को दिलचस्प बना रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पहली सीट पर जेएमएम का दावा सबसे मजबूत है। पार्टी नेतृत्व पहले ही दोनों सीटों पर दावा जता चुका है। हालांकि कांग्रेस भी एक सीट की मांग कर रही है, जिससे गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर मंथन जारी है।
दूसरी ओर भाजपा संख्या बल में पीछे होने के बावजूद चुनावी रणनीति पर काम कर रही है। चर्चा है कि भाजपा बिहार मॉडल की तरह क्रॉस वोटिंग और “वरीयता मत” के सहारे एक सीट जीतने की कोशिश कर सकती है। इसके लिए पार्टी निर्दलीय और असंतुष्ट विधायकों पर नजर बनाए हुए है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए करीब 28 प्रथम वरीयता मतों की जरूरत होगी। ऐसे में अगर गठबंधन के भीतर तालमेल पूरी तरह मजबूत नहीं रहा या क्रॉस वोटिंग हुई तो मुकाबला रोमांचक हो सकता है। निर्दलीय विधायक जयराम महतो जैसे चेहरों की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।
18 जून को प्रस्तावित चुनाव से पहले उम्मीदवारों की घोषणा और गठबंधन की रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं। फिलहाल तस्वीर यही दिख रही है कि एक सीट पर जेएमएम की स्थिति मजबूत है, जबकि दूसरी सीट को लेकर भाजपा पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।
















