A New Chapter in Jharkhand's Agricultural Marketing

झारखण्ड कृषि विपणन का नया अध्याय: बाजार समितियों के आधुनिकीकरण और किसानों की समृद्धि के लिए बड़े फैसले

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नवींन कुमार

रांची, 12 जून : झारखण्ड राज्य कृषि विपणन पर्षद के अधिनियम 2022 के तहत गठित निदेशक मण्डल की प्रथम स्वागत बैठक आज पर्षद मुख्यालय के सभागार में संपन्न हुई। पर्षद के अध्यक्ष रवीन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसानों को लाभान्वित करने के लिए कई दूरगामी निर्णय लिए गए।

बाजार समितियों का होगा कायाकल्प, विकसित होंगे ‘मॉडल बाजार’

बैठक में राज्य भर की बाजार समितियों को ‘मॉडल बाजार’ के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत बाजार समितियों में सड़कों का निर्माण, आधुनिक शौचालय, प्रशासनिक भवन, मुख्य प्रवेश द्वार और जर्जर दुकानों व गोदामों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। साथ ही, उपलब्ध खाली स्थानों पर G+2 दुकानों का निर्माण कर राजस्व और सुविधाओं में वृद्धि की जाएगी।

विशेष रूप से रांची (डोरंडा बाजार) और कोडरमा बाजार समिति  में बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स के निर्माण पर सहमति बनी है, जो व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देंगे।

किसानों और एफपीओ के लिए नई सौगात

प्रबंध निदेशक  अजय कुमार साव ने जानकारी दी कि सरकार की ‘अबूआ किसान समृद्ध योजना’ को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।

बैठक के प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे:

दिशोम गुरु प्रशिक्षण केंद्र: राज्य के सभी पांचों प्रमंडलों में ‘दिशोम गुरु शिबू सोरेन’ की स्मृति में आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

ई-नाम (e-NAM) को बढ़ावा: ई-नाम पोर्टल पर किसानों का निबंधन बढ़ाया जाएगा और उन्हें डिजिटल व्यापार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ई-नाम के माध्यम से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रगतिशील किसानों और एफपीओ (FPO) को सम्मानित किया जाएगा।
एक बाजार, एक उत्पाद: राज्य सरकार की ‘एक बाजार एक उत्पाद’ नीति को प्रोत्साहित करते हुए पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया।

वित्तीय मजबूती और डिजिटल डेटाबेस

पर्षद ने वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नाबार्ड और सक्षम बाजार समितियों की सावधि जमा (FD) से ऋण लेने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, पर्षद और सभी बाजार समितियों की परिसंपत्तियों का संपूर्ण डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
अध्यक्ष श्री रवीन्द्र सिंह ने बैठक के सफल समापन पर सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और आशा व्यक्त की कि इन निर्णयों से झारखण्ड के किसानों और व्यापारियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।

 

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