मुआवजा राशि हड़पने और जातिसूचक टिप्पणी के आरोपी मनोज भगत गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया

शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा: सिमडेगा थाना पुलिस ने मोटर दुर्घटना मुआवजा की राशि हड़पने और जातिसूचक गाली देने के आरोप में मनोज भगत (40) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसकी जानकारी एसडीपीओ धर्मदेव पासवान ने सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में दी।
पुलिस के अनुसार, टी. टांगर थाना क्षेत्र के अलसंगा महकुरडेरा निवासी प्रकाश केरकेट्टा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मनोज भगत ने मोटर दुर्घटना मुआवजा मद की ₹6.50 लाख की राशि अपने पास रख ली और वापस मांगने पर गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया तथा जान से मारने की धमकी दी।
इस संबंध में सिमडेगा थाना कांड संख्या-40/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की समकक्ष धाराओं (पूर्व में आईपीसी की धारा 406, 420, 504 एवं 506) तथा एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। अनुसंधान के उपरांत पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 27 जुलाई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

एसडीपीओ ने बताया कि मनोज भगत के खिलाफ पहले से जलडेगा, कोलेबिरा और बसिया थानों में धोखाधड़ी, सड़क दुर्घटना समेत अन्य मामलों में तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी स्वयं को मानवाधिकार संगठन और स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़ा बताकर लोगों का विश्वास हासिल करता था। वहीं, स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मनोज भगत का नाम पूर्व में भी विवादों में रहा है। हालांकि, पीएलएफआई से कथित संबंधों को लेकर सामने आई जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

















