रांची जनता दरबार में डीसी मंजूनाथ भजन्त्री का सख्त रुख, राजस्व मामलों में लापरवाही पर कई अधिकारियों को शोकॉज

रांची: रांची समाहरणालय में सोमवार को आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जनता दरबार में भूमि विवाद, म्यूटेशन, पंजी-2 सुधार, राशन कार्ड, अबुआ आवास, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और चिकित्सा सहायता से जुड़े आवेदन प्राप्त हुए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राजस्व मामलों में लापरवाही और अनावश्यक विलंब पर सख्त रुख अपनाते हुए उपायुक्त ने तमाड़ और सोनाहातू के अंचलाधिकारियों को शोकॉज करने का निर्देश दिया। वहीं, पंजी-2 में सुधार में देरी की शिकायत पर सोनाहातू अंचल के राजस्वकर्मी सह प्रभारी अंचल निरीक्षक वंकीम चंद्र गांगुली को भी शोकॉज जारी करने के निर्देश दिए गए। तमाड़ अंचल में राजस्व कार्य लंबित रखने के आरोप में अंचल निरीक्षक और संबंधित कर्मचारी से भी जवाब मांगा गया है।
जनता दरबार में सोनाहातू निवासी कालीपद महतो ने न्यायालय और भूमि सुधार विभाग से अनुमति मिलने के बावजूद म्यूटेशन नहीं होने की शिकायत की। इसके अलावा ईटकी की एक महिला ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर जांच के आदेश दिए गए। चान्हो प्रखंड के बयासी गांव के ग्रामीणों ने भूमि विवाद का मामला उठाया, जिसके समाधान के लिए ग्रामसभा आयोजित करने का निर्देश दिया गया।
इस दौरान सरजू कुमार ने एम्स, नई दिल्ली में इलाजरत अपने बच्चे के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं, ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे के माता-पिता की मांग पर जिला शिक्षा अधीक्षक और समाज कल्याण पदाधिकारी को बच्चे को संस्थागत शिक्षा एवं सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

जनता दरबार में राहे प्रखंड निवासी सनी देओल ने स्वेच्छा से अपना गुलाबी राशन कार्ड सरेंडर करने के लिए आवेदन दिया। इस अवसर पर उपायुक्त ने अपात्र राशन कार्डधारियों से भी स्वेच्छा से राशन कार्ड सरेंडर करने की अपील की, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि आम नागरिकों के कार्यों में अनावश्यक विलंब, लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
















