कदमा इस्कॉन मंदिर में स्नान यात्रा: 108 कलशों से हुआ प्रभु जगन्नाथ का जलाभिषेक, 16 जुलाई को निकलेगी रथ यात्रा

नीरज तिवारी /जमशेदपुर
जमशेदपुर (रथयात्रा विशेष) : कदमा स्थित इस्कॉन जगन्नाथ मंदिर में आज ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर ‘स्नान यात्रा’ का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान प्रभु श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का विधि-विधान के साथ 108 कलशों के पवित्र जल से अभिषेक किया गया। मंदिर परिसर भक्तिमय भजनों और हरि कीर्तन से गुंजायमान रहा।
108 कलशों के साथ पहुंची महिलाएं
स्नान यात्रा के उपलक्ष्य में सुबह 6:30 बजे से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया था। महिलाओं के एक समूह ने 108 कलशों में पवित्र जल भरकर मंदिर तक शोभायात्रा निकाली। पुरोहितों के सानिध्य में पिछले तीन घंटों तक चले अनुष्ठान के दौरान भगवान का विधिपूर्वक जलाभिषेक किया गया। मंदिर परिसर में सुबह 11:00 बजे से शुरू हुआ प्रसाद वितरण शाम तक जारी रहेगा।
क्यों ‘बीमार’ होते हैं प्रभु?
मंदिर के पुरोहित ने इस परंपरा के पीछे का रहस्य साझा करते हुए बताया कि स्नान के बाद प्रभु श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा अस्वस्थ हो जाते हैं। इस मान्यता के अनुसार, उन्हें बुखार आ जाता है। अगले 15 दिनों तक उन्हें आयुर्वेदिक उपचार और औषधियां दी जाएंगी और वे एकांतवास में रहेंगे। इस दौरान मंदिर के पट पूरी तरह बंद रहेंगे और भक्त उनके दर्शन नहीं कर पाएंगे।
16 जुलाई को होंगे दर्शन, फिर निकलेगी भव्य रथ यात्रा
श्रद्धालु अब 16 जुलाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पुरोहित ने जानकारी दी कि 16 जुलाई को मंगला आरती के साथ भगवान के पट पुनः भक्तों के लिए खोले जाएंगे। उसी दिन दोपहर 2:00 बजे प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को रथ पर सवार कर पूरे सम्मान के साथ बिष्टुपुर स्थित मनी मेला मैदान तक ले जाया जाएगा।
Also Read :
1000 सहायक आचार्य नियुक्ति पर भाजपा का हमला, बोली- 50 हजार रिक्त पदों का सच नहीं छिपेगा

















