BJP का डिजिटल महा-अभियान: ‘सरल’ ऐप से कैसे ज़मीनी कार्यकर्ता बन रहे हैं ‘हाई-टेक’

नवीन कुमार
रांची : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने संगठनात्मक ढांचे में एक बड़ा डिजिटल बदलाव किया है। पार्टी अब पूरी तरह से ‘डिजिटल युग’ में कदम रख चुकी है, जहाँ बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक का हर कार्यकर्ता तकनीक से लैस है। इस बदलाव के पीछे पार्टी का सबसे प्रमुख हथियार बना है—सरल’ (SARAL) ऐप ।
क्या है सरल (SARAL) ऐप?
‘सरल'(SARAL) का अर्थ है ‘संगठन रिपोर्टिंग एंड एनालिसिस’ (Sangathan Reporting and Analysis) । यह कोई सामान्य ऐप नहीं, बल्कि पार्टी का एक शक्तिशाली ‘प्रोडक्टिविटी टूल’ है। इसका उद्देश्य पार्टी के कामकाज को पूरी तरह पारदर्शी, तेज़ और पेपरलेस बनाना है।
कैसे काम कर रहे हैं कार्यकर्ता हाई-टेक?
1. रियल-टाइम मॉनिटरिंग: पहले रिपोर्टिंग में दिनों का समय लगता था, लेकिन अब बूथ स्तर की जानकारी ऐप के ज़रिए सीधे केंद्रीय नेतृत्व तक कुछ ही क्षणों में पहुँच जाती है।
2. डिजिटल प्रशिक्षण: भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के लिए ‘महा-प्रशिक्षण वर्ग’ आयोजित कर रही है। इसमें उन्हें सोशल मीडिया मैनेजमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स और डिजिटल नैरेटिव बिल्डिंग की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके बाद उनकी डिजिटल परीक्षा भी ली जाती है और मार्किंग के हिसाब से सर्टिफिकेट दिया जाता है
3. टास्क मैनेजमेंट: इस ऐप के ज़रिए पदाधिकारी अपने नीचे के कार्यकर्ताओं को सीधे काम (Task) सौंप सकते हैं और उसकी प्रगति को ट्रैक कर सकते हैं।
4. डिजिटल डायरेक्टरी: ऐप में कार्यकर्ताओं का एक व्यवस्थित नेटवर्क मौजूद है, जिससे किसी भी पदाधिकारी से संपर्क करना या सूचना साझा करना अब बस एक क्लिक की दूरी पर है।
बीजेपी के प्रदेश मीडिया सहसंयोजक सतीश सिन्हा का मानना है कि आज के दौर में ‘डिजिटल वॉरफेयर’ जीतना बेहद ज़रूरी है। 2006 में शुरू हुई पार्टी की IT सेल की यात्रा अब AI और डेटा एनालिटिक्स तक पहुँच गई है। पार्टी का लक्ष्य अपने हर कार्यकर्ता को ‘डिजिटल कार्यकर्ता’ बनाना है, ताकि वे न केवल जनता से बेहतर तरीके से जुड़ सकें, बल्कि नकारात्मक प्रचार का सटीक जवाब भी दे सकें।
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