मानसिक एवं बौद्धिक दिव्यांगजनों के अधिकारों पर सदर अस्पताल में विधिक जागरूकता शिविर

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के निर्देशानुसार सोमवार को सदर अस्पताल में मानसिक बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों एवं बौद्धिक दिव्यांगजनों के लिए विधिक सेवाएं विषय पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित लोगों और उनके परिजनों को कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जागरूक करना था।
शिविर में असिस्टेंट एलएडीसीएस सुकोमाल ने कहा कि मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता से ग्रसित व्यक्तियों को भी संविधान और कानून के तहत समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे जरूरतमंद लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यदि किसी व्यक्ति के अधिकारों का हनन होता है या उसे किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता की आवश्यकता होती है, तो वह बिना किसी शुल्क के डीएलएसए से सहायता प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य, दिव्यांगजन अधिकारों और निःशुल्क विधिक सेवाओं से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए समाज से मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता को लेकर भेदभाव समाप्त करने और ऐसे लोगों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम में पीएलवी दीपक कुमार, पुरुषोत्तम दास, सुजीत प्रसाद, पुनीता कुमारी, योगेंद्र पांडे, कुशल गुड़िया और अजीत केरकेट्टा ने भी उपस्थित लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की विभिन्न योजनाओं एवं निःशुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया की जानकारी दी।
यह जागरूकता शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम के निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी प्राप्त की और आवश्यकता पड़ने पर निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
















