New rural employment scheme replaces MGNREGA starting today; wage rates claimed to have increased by over 10%.

आज से मनरेगा की जगह लागू हुई नई ग्रामीण रोजगार योजना, मजदूरी दरों में 10% से अधिक बढ़ोतरी का दावा

New rural employment scheme replaces MGNREGA starting today; wage rates claimed to have increased by over 10%.
New rural employment scheme replaces MGNREGA starting today; wage rates claimed to have increased by over 10%.

नई दिल्ली: देशभर में आज 1 जुलाई से ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ (VB G-RAM-G) को लागू कर दिया है। इसके साथ ही नई योजना के तहत मजदूरी की संशोधित दरें भी प्रभावी हो गई हैं।

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ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, नई योजना के तहत राष्ट्रीय औसत दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 327.40 रुपये कर दी गई है। इससे पहले मनरेगा के तहत औसत मजदूरी 298.80 रुपये प्रतिदिन थी। यानी औसतन 28.60 रुपये प्रति दिन की बढ़ोतरी की गई है। नई मजदूरी दरें देश के सभी 34 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और विभिन्न मजदूरी क्षेत्रों में लागू होंगी।

300 रुपये होगी न्यूनतम आधार मजदूरी

सरकार ने नई योजना के लिए 300 रुपये प्रतिदिन की अंतरिम आधार मजदूरी निर्धारित की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी राज्य या क्षेत्र में अधिसूचित मजदूरी इस सीमा से नीचे न रहे। मंत्रालय का दावा है कि संशोधित दरों से देशभर में औसतन 10 प्रतिशत से अधिक मजदूरी वृद्धि का लाभ मिलेगा।

कम मजदूरी वाले राज्यों को ज्यादा फायदा

केंद्र सरकार का कहना है कि नई मजदूरी संरचना तैयार करते समय उन राज्यों को प्राथमिकता दी गई है, जहां अब तक मजदूरी दरें अपेक्षाकृत कम थीं। वहीं, जिन राज्यों में पहले से मजदूरी अधिक थी, वहां भी मजदूरी में वृद्धि की गई है ताकि सभी क्षेत्रों में संतुलित लाभ मिल सके।

21 राज्यों में मजदूरी पहुंची 300 रुपये या उससे अधिक

नई व्यवस्था के तहत 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मजदूरी दर को बढ़ाकर कम से कम 300 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी में 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है।

सबसे अधिक वृद्धि अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में दर्ज की गई है, जहां मजदूरी दरों में करीब 24.5 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। नई अधिसूचना के अनुसार हरियाणा, गोवा और केरल ऐसे राज्यों में शामिल हैं, जहां ग्रामीण रोजगार योजना के तहत दैनिक मजदूरी 400 रुपये से अधिक हो गई है।

सरकार का कहना है कि नई योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ आजीविका को और मजबूत करना तथा मजदूरों की आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है।

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