लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा संदेश, तिरंगे से गूंजा देश; आत्मनिर्भरता और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

नई दिल्ली: देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, गौरव और देशभक्ति के माहौल में मना रहा है। राष्ट्रीय पर्व के मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद लाल किला परिसर ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से गूंज उठा। इसके बाद प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संबोधित करते हुए विकास, आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा और युवा शक्ति को लेकर कई अहम बातें कहीं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रधानमंत्री ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज पूरा भारत तिरंगे के रंग में रंगा नजर आ रहा है। देश के हर घर और हर मन में तिरंगे की भावना दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ आज केवल एक उद्घोष नहीं, बल्कि देशवासियों के भीतर उमड़ रही राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक है।
कच्चे तेल पर निर्भरता को लेकर पीएम का निशाना
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की कच्चे तेल पर निर्भरता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश को लंबे समय तक कच्चे तेल के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ा और इसके पीछे पुरानी नीतियों से जुड़ी सोच भी एक कारण रही है। पीएम मोदी ने समुद्री क्षेत्र में तेल और गैस की खोज का जिक्र करते हुए कहा कि देश के समुद्र तट के बड़े हिस्से को पहले ‘नो-गो एरिया’ घोषित कर दिया गया था। उनके मुताबिक, अब ऐसे क्षेत्रों में खोज और संसाधनों के इस्तेमाल की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो इलाके कभी ‘नो-गो एरिया’ थे, वे अब ‘गो-अहेड एरिया’ बन चुके हैं।

‘दिमागी नक्सल’ को लेकर युवाओं को चेताया
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए समाज और युवाओं को ऐसी ताकतों से सतर्क रहने की अपील की, जो उनके मुताबिक हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देने के रास्ते तलाश रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए अलग-अलग तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान करना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।
बड़े सपने और मजबूत संकल्प का दिया मंत्र
पीएम मोदी ने कहा कि भारत तेज गति से विकास की ओर बढ़ रहा है और दुनिया देश की इनोवेशन क्षमता तथा सामर्थ्य को देख रही है। उन्होंने कहा कि किसी राष्ट्र की महानता केवल उसकी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके सपनों, संकल्प और उन्हें पूरा करने की क्षमता से तय होती है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान करते हुए कहा कि बड़े सपने हमारी सोच का दायरा बढ़ाते हैं और भविष्य को देखने का नजरिया व्यापक बनाते हैं।

‘शक्ति की सप्तधारा’ का आह्वान, संपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग पर जोर
प्रधानमंत्री ने देश के औद्योगिक विकास को नई गति देने की जरूरत बताई। उन्होंने ‘शक्ति की सप्तधारा’ का आह्वान करते हुए कहा कि भारत को कम्प्लीट मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में आगे बढ़ना होगा।।उनके संबोधन में आत्मनिर्भरता, उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और देश की युवा शक्ति को विकास से जोड़ने पर खास जोर दिखाई दिया।
स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी की गई है। लाल किले और आसपास के इलाकों को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री के संबोधन में जहां देशवासियों के लिए स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं थीं, वहीं विकसित, आत्मनिर्भर और मजबूत भारत के निर्माण का रोडमैप भी नजर आया।


















