Bharat Tiwari Encounter : बिलौटी गांव पहुंचे चिराग पासवान, मां की आंखें नम देख खुद भी हुए भावुक, घुटनों के बल बैठकर दी श्रद्धांजलि

Bharat Tiwari Encounter : बिहार में भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर का मामला अब एक बड़ा सियासी मोड़ ले चुका है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान खुद बिलौटी पहुंचे। उन्होंने न केवल पीड़ित परिजनों से मुलाकात की, बल्कि कानून व्यवस्था पर सीधे सवाल उठाते हुए सरकार को कड़ा संदेश भी दिया।
तस्वीर के सामने झुका सिर, मां को दिया ढांढस
पीड़ित के घर पहुंचते ही चिराग का अंदाज एक नेता से ज्यादा एक सहयोगी का रहा। भरत तिवारी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते समय वे घुटनों के बल बैठ गए, जो उनके संवेदना व्यक्त करने का एक अलग अंदाज था। वहां मौजूद भरत तिवारी की मां आशा देवी को फफककर रोते देख चिराग ने उन्हें सांत्वना दी और विश्वास दिलाया कि वे इस लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं।
रक्षक जब भक्षक बने, तो न्याय कौन करेगा?’
चिराग पासवान ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि जब कानून के रखवालों पर ही सवाल उठने लगें, तो यह सभ्य समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, “अगर पुलिस वर्दी की आड़ में निर्दोषों को निशाना बनाएगी, तो आम जनता का सिस्टम से विश्वास उठ जाएगा। जिस तरह से यह घटना हुई है, वह किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।”
अमित शाह तक पहुंची गूंज
इस दौरे के पीछे की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चिराग ने एक दिन पहले ही दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह के सामने इस मामले को पुरजोर तरीके से रखा था। उन्होंने सिर्फ भरत तिवारी एनकाउंटर ही नहीं, बल्कि राजगीर में हुई अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अपराध पर सियासत नहीं, कार्रवाई चाहिए
पटना से निकलते समय भी चिराग ने साफ किया कि अपराध को जाति या मजहब के चश्मे से देखना बंद होना चाहिए। उनका स्पष्ट मानना है कि कानून अपना काम निष्पक्षता से करे और जो भी इस ‘फर्जी एनकाउंटर’ का जिम्मेदार है, उसे कानून के कठघरे में लाया जाए।
फिलहाल, बिलौटी गांव और आसपास के इलाकों में सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया गया है। चिराग का वहां पहुंचना सीधे तौर पर स्थानीय प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस एनकाउंटर को लेकर आगे क्या रुख अपनाती है और क्या परिजनों को वह न्याय मिल पाएगा जिसकी वे मांग कर रहे हैं।















