खेत में गिरे बिजली तार की चपेट में आने से 18 वर्षीय युवक की मौत, पूरी रात खेत में पड़ा रहा शव

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा: जिले के ठेठईटांगर प्रखंड अंतर्गत ताराबोगा पंचायत के जिलिंगा गौरीडुबा गांव में बिजली के गिरे हुए तार की चपेट में आने से 18 वर्षीय युवक असीत बरवा की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक स्वर्गीय अंधेरियास बरवा का पुत्र था। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार (6 जुलाई) की रात करीब 8 बजे असीत बरवा भोजन करने के बाद मोबाइल फोन पर बात करने के लिए घर से निकला था। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में घर के अंदर मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलता, इसलिए लोग नेटवर्क पाने के लिए कुछ दूरी पर स्थित ऊंचे स्थान ‘हडुवा सुख’ तक जाते हैं। असीत भी उसी दिशा में जा रहा था।
इसी दौरान खेत के पास जमीन के निकट झूल रहे या गिरे बिजली के तार की चपेट में आने से उसे करंट लग गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अंधेरा होने के कारण रात में किसी को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी और युवक का शव पूरी रात खेत में पड़ा रहा। मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने खेत में शव देखा, जिसके बाद परिजनों और ठेठईटांगर थाना पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सिमडेगा भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
घटना की जानकारी मिलने पर भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष अमृत चिराग तिर्की भी घटनास्थल पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और संभावित लापरवाही का गंभीर उदाहरण है। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने, घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने प्रशासन से गांव में जल्द मोबाइल टावर स्थापित कराने और विद्युत विभाग से झूल रहे एवं गिरे बिजली तारों की तत्काल जांच कर सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से विद्युत और दूरसंचार जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने की मांग की है। मौके पर ताराबोगा के मुखिया बलदेव सिंह, वाशिम अकराम, जोसेफ तिर्की, रोमानुश टोप्पो, राजेश बरवा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
















