झारखंड में डिजिटल क्रांति: गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर एआई हब बनेगा राज्य, रांची में 101 एकड़ में चमकेगा आईटी पार्क

रांची: झारखंड सरकार राज्य को आधुनिक तकनीकी केंद्र (Tech Hub) बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026’ के दौरान राज्य सरकार ने दिग्गज टेक कंपनियों के साथ बड़े समझौते किए हैं, जो आने वाले समय में राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेंगे।
गूगल और माइक्रोसॉफ्ट का ‘डिजिटल झारखंड’ को साथ
राज्य सरकार और गूगल के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के स्कूली शिक्षा ढांचे को बदलने का निर्णय लिया गया है। गूगल के प्रतिनिधि लोकेश लोहिया ने प्रस्ताव दिया है कि राज्य के करीब 3 से 4 लाख शिक्षकों को तीन महीने का सघन एआई (AI) प्रशिक्षण और प्रमाणन दिया जाएगा। इस सहयोग को औपचारिक रूप देने के लिए ‘स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट’ (SoI) पर भी सहमति बनी है।
इसके अलावा, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के संदीप अरोड़ा ने राज्य के डिजिटल विजन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का भरोसा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की जीडीपी में एआई सेक्टर की बड़ी हिस्सेदारी होगी, जिसमें झारखंड की भूमिका महत्वपूर्ण साबित होगी।
रांची में बनेगा भव्य आईटी पार्क
आईटी सचिव पूजा सिंघल ने जानकारी दी कि डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और रोजगार सृजन के लिए रांची में 101 एकड़ जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर आईटी पार्क के लिए चिह्नित कर लिया गया है। यह पार्क राज्य में निवेश और तकनीकी नवाचार का मुख्य केंद्र बनेगा।
निवेश की बहार: 10 दिग्गज कंपनियां करेंगी एमओयू
सम्मेलन के दूसरे दिन राज्य में औद्योगिक निवेश को लेकर बड़ा दिन है। झारखंड सरकार लगभग 10 बड़ी कंपनियों के साथ एमओयू (MoU) साइन करने जा रही है:
अदाणी पावर: गोड्डा में सीमेंट प्लांट की स्थापना।
जिंदल ग्रुप: न्यूक्लियर पावर प्लांट, स्टील और रिन्यूएबल ऊर्जा क्षेत्र में निवेश।
अन्य प्रमुख नाम: टाटा स्टील, रुंगटा माइन्स और अमलगम स्टील जैसी कंपनियां भी राज्य की औद्योगिक क्षमता को बढ़ाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगी।

राजस्व और स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक का तड़का
आईबीएम (IBM) इंडिया के सीनियर एडवाइजर तलवीन कुमार ने कहा कि डेटा एनालिटिक्स के उपयोग से सरकारी राजस्व में वृद्धि करना और विभागों की कार्यकुशलता सुधारना अब संभव है। साथ ही, स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई-आधारित एंबुलेंस प्रबंधन और इंटीग्रेटेड हेल्थ प्लेटफॉर्म विकसित करने की योजना पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
नई नीतियों का होगा आगाज
सरकार अपनी नीतियों को और अधिक निवेश-अनुकूल बनाने के लिए नई उद्योग नीति, टेक्सटाइल पॉलिसी और जियाडा (JIADA) रेगुलेशन का ड्राफ्ट जारी करेगी। इन नीतियों पर उद्योग जगत के जानकारों और हितधारकों से सुझाव लिए जाएंगे, ताकि विकास की गति को और तेज किया जा सके।

















