विश्व जनसंख्या दिवस: 15 वर्षों में झारखंड की आबादी में बड़ा इजाफा, अब 4 करोड़ के पार का अनुमान

रांची : विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर झारखंड की जनसंख्या पर नजर डालें तो राज्य की आबादी में पिछले डेढ़ दशक के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारत में आखिरी आधिकारिक जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी, जिसमें झारखंड की कुल आबादी 3,29,88,134 (करीब 3.30 करोड़) दर्ज की गई थी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वहीं, जनसंख्या के उपलब्ध प्रक्षेपण (Population Projection) के अनुसार वर्ष 2026 में झारखंड की अनुमानित आबादी करीब 4.11 करोड़ तक पहुंच चुकी है। यानी 2011 की तुलना में राज्य की जनसंख्या में लगभग 80 लाख से अधिक की बढ़ोतरी का अनुमान है।

2011 की जनगणना के अनुसार झारखंड में पुरुषों की संख्या 1.69 करोड़ और महिलाओं की संख्या 1.60 करोड़ थी। राज्य का लिंगानुपात 948 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष तथा साक्षरता दर 66.41 प्रतिशत दर्ज की गई थी।
इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस ऐसे समय मनाया जा रहा है जब देश में लंबे अंतराल के बाद नई जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नई जनगणना के आंकड़े आने के बाद झारखंड की वास्तविक जनसंख्या, सामाजिक और आर्थिक स्थिति की नई तस्वीर सामने आएगी।
















