Congress attacks over Ram Mandir donation issue; demands probe under Supreme Court supervision.

राम मंदिर दान मामले पर कांग्रेस का हमला, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

Congress attacks over Ram Mandir donation issue; demands probe under Supreme Court supervision.
Congress attacks over Ram Mandir donation issue; demands probe under Supreme Court supervision.

रांची : कांग्रेस के गोवा, दमन एवं दादरा नगर हवेली के प्रभारी और पूर्व मंत्री मानिक राव ठाकरे ने राम मंदिर दान मामले को लेकर केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रांची में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट में कई कथित अनियमितताएं सामने आने के बावजूद अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।

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ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ था, तो कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने सवाल किया कि यदि कोई गड़बड़ी नहीं हुई, तो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों हुए। उन्होंने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की मांग की।

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कांग्रेस नेता ने मांग की कि पूर्व महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा समेत कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए। साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर धर्माचार्यों, प्रतिष्ठित नागरिकों और विशेषज्ञों को शामिल करते हुए नया पारदर्शी ट्रस्ट गठित किया जाए। उन्होंने मंदिर को मिले दान, चढ़ावे, जमीन खरीद-बिक्री और अन्य खर्चों का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग की।

ठाकरे ने आरोप लगाया कि एसआईटी की जांच में मंदिर के बड़े आयोजनों के खर्च, नकद चढ़ावे और फर्जी रसीदों से जुड़े कई सवाल सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में बैंकिंग व्यवस्था और नकदी प्रबंधन में भी गंभीर लापरवाही का उल्लेख है। उनके अनुसार, जांच में कई मामलों में कर्मचारियों द्वारा नकदी छिपाकर ले जाने की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन कार्रवाई केवल कुछ कर्मचारियों तक सीमित रखी गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। इस दौरान मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव, महासचिव राजीव रंजन, शाहजादा अनवर, सोनल शांति और राजन वर्मा भी मौजूद रहे।

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