High court

2013 दोहरे हत्याकांड में पूर्व विधायक पॉलुस सुरीन और जेठा कच्छप बरी, झारखंड हाईकोर्ट ने रद्द की उम्रकैद की सजा

Share
Link copied

High court

रांची,  : झारखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 2013 के चर्चित दोहरे हत्याकांड मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व तोरपा विधायक पॉलुस सुरीन और जेठा कच्छप को बरी कर दिया है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा को निरस्त करते हुए दोनों आरोपियों की आपराधिक अपील स्वीकार कर ली। हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
यह मामला 27 मई 2013 को खूंटी जिले के कर्रा थाना क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड से जुड़ा है, जिसमें भुशन सिंह और राम गोविंद सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अभियोजन का आरोप था कि पीएलएफआई उग्रवादियों ने वारदात को अंजाम दिया और पूर्व विधायक पॉलुस सुरीन पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था।

RKDF
Adv

इस मामले में विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने 6 अप्रैल 2024 को पॉलुस सुरीन और जेठा कच्छप को दोषी ठहराया था। इसके बाद 10 अप्रैल 2024 को दोनों को विभिन्न धाराओं के तहत उम्रकैद सहित अन्य सजाएं सुनाई गई थीं।

इसे भी पढ़ें
धनबाद में सड़क हादसे में हजारीबाग पुलिस के जवान की मौत, तीन पुलिसकर्मी घायल
इसे भी पढ़ें

धनबाद में सड़क हादसे में हजारीबाग पुलिस के जवान की मौत, तीन पुलिसकर्मी घायल

हजारीबाग : हजारीबाग जिले के चलकुसा थाना की पुलिस टीम धनबाद के मैथन थाना क्षेत्र में छापेमारी की कार्रवाई पूरी कर सरकारी…

झारखंड का मान: युवा जिम्नास्ट पृथ्वी देव भट्टाचार्य ने ‘थर्ड ऑल इंडिया मंथन जिम्नास्टिक्स कप 2026’ में जीता स्वर्ण पदक
इसे भी पढ़ें

झारखंड का मान: युवा जिम्नास्ट पृथ्वी देव भट्टाचार्य ने ‘थर्ड ऑल इंडिया मंथन जिम्नास्टिक्स कप 2026’ में जीता स्वर्ण पदक

रांची: झारखंड के होनहार जिम्नास्ट पृथ्वी देव भट्टाचार्य ने दिल्ली में आयोजित 'थर्ड ऑल इंडिया मंथन जिम्नास्टिक्स कप 2026' में शानदार प्रदर्शन…

ईडी की बड़ी कार्रवाई: लातेहार में 3.87 करोड़ रुपये की 11 अचल संपत्तियां कुर्क
इसे भी पढ़ें

ईडी की बड़ी कार्रवाई: लातेहार में 3.87 करोड़ रुपये की 11 अचल संपत्तियां कुर्क

रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 3.87 करोड़ रुपये मूल्य…

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि अभियोजन पक्ष के प्रमुख गवाहों के बयानों में कई महत्वपूर्ण विरोधाभास और सुधार (इम्प्रूवमेंट) थे। अदालत ने यह भी माना कि जिन गवाहों को प्रत्यक्षदर्शी बताया गया, उनके बयान पूरी तरह विश्वसनीय नहीं थे। साथ ही, पॉलुस सुरीन के खिलाफ हत्या की साजिश का आरोप ठोस और स्वतंत्र साक्ष्यों से सिद्ध नहीं हो सका।

अदालत ने यह भी कहा कि सह-आरोपी जेठा कच्छप का दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत दर्ज बयान ऐसा स्वीकारोक्ति बयान नहीं था, जिसके आधार पर अन्य आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध किया जा सके। कथित धमकियों और साजिश से जुड़े आरोपों की भी स्वतंत्र साक्ष्यों से पुष्टि नहीं हो सकी।

इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को कानून और उपलब्ध साक्ष्यों के अनुरूप नहीं माना। अदालत ने दोनों आरोपियों की दोषसिद्धि और सजा को निरस्त करते हुए उन्हें बरी कर दिया तथा आदेश दिया कि यदि वे किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।

ABOUT THE AUTHOR
Drishti Now Desk

Drishti Now Desk

Desk

Drishti Now एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जिसकी प्राथमिक कवरेज झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों पर केंद्रित है। इसके साथ देश और दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी समाचार प्रकाशित किए जाते हैं। राजनीति, अपराध, समाज, धर्म, शिक्षा, खेल, प्रशासन, मौसम और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया जाता है। Drishti Now का उद्देश्य पाठकों तक महत्वपूर्ण समाचारों और घटनाक्रमों की स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार जानकारी पहुंचाना है। Drishti Now — नजर हर खबर पर।