Growing trust between the police and the public in Latehar

लातेहार में पुलिस और जनता के बीच मजबूत होता विश्वास: मिल रहा त्वरित न्याय

Growing trust between the police and the public in Latehar

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

संजीव गिरी /लातेहार 

नक्सल का गढ़ माने जाने वाला लातेहार .. कभी नक्सल प्रभावित गतिविधियों के साए में रहने लातेहार ..आज  उसी ग्रामीण इलाकों में अब पुलिस की सक्रिय और सकारात्मक मौजूदगी देखने को मिल रही है।  ये सब हुआ लातेहार जिले में एसपी कुमार गौरव के प्रभावी नेतृत्व और दूरदर्शी रणनीति से ..इस जिले में  पुलिस और जनता के रिश्तों को एक नई मजबूती मिली है..

Drishti 04
Advertisement

दरअसल जहां पहले ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल रहता था, वहीं अब पुलिस गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है, उनका त्वरित समाधान कर रही है और सामाजिक जागरूकता का संदेश दे रही है। एसपी कुमार गौरव के निर्देशानुसार, जिले के सभी थाना परिसरों में ‘थाना दिवस’ का नियमित आयोजन किया जा रहा है, जो जनता के लिए वरदान साबित हो रहा है।

Drishti 02
Advertisement

थाना दिवस की मुख्य विशेषताएं

कुल मामलों की सुनवाई: हाल ही में आयोजित थाना दिवस के दौरान कुल 41 मामलों की सुनवाई की गई।

विवादों का स्वरूप: इनमें से 40 मामले भूमि विवाद से जुड़े थे और 1 मामला महिला से संबंधित था।

त्वरित निष्पादन: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इनमें से 33 मामलों का निष्पादन थाना स्तर पर ही कर दिया।

जनता को राहत: इन मामलों के थाना स्तर पर ही सुलझ जाने से ग्रामीणों को अदालतों और कचहरी के चक्कर लगाने से राहत मिली है। इससे आम जनता के समय और धन दोनों की भारी बचत हुई है। ग्रामीणों ने पुलिस की इस पहल को जनहित में एक सराहनीय कदम बताया है।

Deoghar
Advertisement

सामुदायिक पुलिसिंग और जनसंवाद अभियान

एसपी कुमार गौरव की सामुदायिक पुलिसिंग की सोच के तहत पुलिस अधिकारी लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में लातेहार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संदीप कुमार गुप्ता ने चंदवा थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।

इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से निम्नलिखित विषयों पर विशेष अपील की:

कुरीतियों का त्याग: डायन-बिसाही और ओझा-गुनी जैसी सामाजिक कुरीतियों तथा अंधविश्वासों से दूर रहने की अपील।

शिक्षा और कानून: बच्चों को शिक्षा दिलाने, कानून का पालन करने और आपसी भाईचारा बढ़ाने पर जोर।

सामाजिक सौहार्द: समाज में शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने का संदेश।

RKDF
advertisement

जाहिर है की एसपी कुमार गौरव की रणनीति केवल अपराध और नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस और जनता के बीच अटूट विश्वास कायम करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।

Kashmir vastaralay
Advertisment
Drishti 03
Advertisement
Drishti 04
Advertisement
नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now