ED takes major action in 11.67 crore investment scam in Munger.

मुंगेर में 11.67 करोड़ के निवेश घोटाले पर ED की बड़ी कार्रवाई, पांच ठिकानों पर छापेमारी

ED takes major action in 11.67 crore investment scam in Munger.
Press relase

पटना/मुंगेर: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पटना जोनल कार्यालय ने गुरुवार को बिहार के मुंगेर जिले में बड़े निवेश घोटाले के मामले में पांच स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई। जांच का केंद्र M/s जॉलीवुड म्यूज़िक इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड और M/s DLMS जॉलीवुड म्यूज़िक प्राइवेट लिमिटेड हैं, जिनका संचालन मुंगेर के एक परिवार द्वारा किए जाने का आरोप है।

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ईडी के अनुसार, कंपनियों के प्रमुख जितेंद्र कुमार राजीव और उनके सहयोगियों ने लोगों को “डिजिटल जॉब” और निवेश पर दोगुना रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी की। जांच में सामने आया है कि इस कथित निवेश योजना के जरिए करीब 11.67 करोड़ रुपये जुटाए गए।

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डिजिटल जॉब के नाम पर निवेशकों को बनाया शिकार

जांच एजेंसी के मुताबिक, लोगों को बताया जाता था कि यदि वे 2.56 लाख रुपये निवेश करेंगे और कंपनी की वेबसाइट पर हर महीने 4,800 ऑडियो-वीडियो देखेंगे, तो उन्हें 15 हजार रुपये प्रतिमाह की आय होगी। इसके अलावा अधिक लोगों को जोड़ने पर अतिरिक्त बोनस, बाइक और कार जैसे आकर्षक इनाम देने का भी वादा किया जाता था।

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हालांकि, निवेश जुटाने के बाद कंपनी के सॉफ्टवेयर में कथित रूप से ऐसी तकनीकी छेड़छाड़ की गई कि वेबसाइट बेहद धीमी हो गई। इससे निवेशकों के लिए निर्धारित 4,800 ऑडियो-वीडियो देख पाना लगभग असंभव हो गया और वे भुगतान पाने की शर्त पूरी नहीं कर सके। ईडी का आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से निवेशकों को भुगतान से वंचित करने के उद्देश्य से की गई।

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FIR के आधार पर शुरू हुई जांच

यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी तक पहुंचा। एफआईआर में जितेंद्र कुमार राजीव, धीरज कुमार समेत अन्य लोगों पर जमालपुर, मुंगेर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को झूठे निवेश और डिजिटल रोजगार का लालच देकर ठगी करने का आरोप लगाया गया था।

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ईडी ने वर्ष 2025 में इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। जांच के दौरान एजेंसी को पता चला कि निवेशकों से जुटाई गई रकम को विभिन्न खातों और माध्यमों से दूसरी जगहों पर भेजा गया तथा उससे कई अचल संपत्तियां खरीदी गईं।

कई अहम दस्तावेज बरामद

इसी सिलसिले में ईडी ने कंपनी के निदेशकों, तकनीकी एवं सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों, गायकों और अन्य संबंधित लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान बैंक खातों, अचल संपत्तियों, निवेश समझौतों, निवेशकों की सूची और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

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ईडी ने बताया कि जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच की जा रही है और PMLA के प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल किन-किन संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन में किया गया।

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