बोकारो में जमीन से उठीं आग की लपटें, गैस रिसाव की आशंका से दहशत; झरिया जैसे हालात से सहमे लोग

बोकारो। जिले के गोमिया प्रखंड में जमीन के भीतर से आग की लपटें निकलने का मामला सामने आने के बाद आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। बांध पंचायत के पलानी झिरकी हरिजन टोला के समीप खुले मैदान में जमीन से बुलबुले निकलते हुए दिखाई दिए। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर आग की लपटें उठती नजर आईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच जमीन के अंदर गैस जमा होने या रिसाव की आशंका को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में जमीन के भीतर से गैस निकलने की घटनाएं बिल्कुल नई नहीं हैं। गोमिया, लतकुट्टा, स्वांग हजारी और खुदगड़ा समेत आसपास के कई क्षेत्रों में पहले भी चापाकल या बोरिंग के दौरान जमीन के अंदर से गैस निकलने और आग पकड़ने की घटनाएं सामने आने की बात कही जाती रही है।
जमीन के नीचे क्या हो रहा है?
पलानी झिरकी में सामने आई घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि क्षेत्र के आसपास सीसीएल की कोयला खदानें मौजूद हैं। ऐसे में जमीन के भीतर से निकल रही गैस का स्रोत क्या है, यह जांच का विषय बन गया है।
स्थानीय लोगों के बीच आशंका है कि कहीं यह कोयला क्षेत्र से निकलने वाली ज्वलनशील गैस तो नहीं है। वहीं, प्राकृतिक गैस के रिसाव की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, बिना वैज्ञानिक जांच के गैस की प्रकृति और उसके स्रोत के बारे में निश्चित रूप से कुछ कहना जल्दबाजी होगी।

मौके पर पहुंची ONGC की टीम
घटना की सूचना मिलने के बाद ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीम ने जमीन से निकल रहे बुलबुले और आग की स्थिति का जायजा लिया।
अब लोगों की नजर जांच के नतीजों पर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन से कौन-सी गैस निकल रही है और उसके पीछे भूगर्भीय कारण है या आसपास के कोयला खनन क्षेत्र से इसका कोई संबंध है।
सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
खुले मैदान में जमीन से लगातार बुलबुले निकलने और उनके साथ आग की लपटें उठने की घटना ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि गैस ज्वलनशील हुई तो आसपास आग फैलने या किसी बड़े हादसे का खतरा पैदा हो सकता है।
ऐसे में विशेषज्ञों की जांच पूरी होने तक घटनास्थल के आसपास लोगों की आवाजाही और किसी भी प्रकार की आग जलाने जैसी गतिविधियों पर विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
फिलहाल इलाके के लोग इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि ONGC और संबंधित एजेंसियों की जांच में जमीन के नीचे से निकल रही गैस का असली स्रोत क्या सामने आता है।
















