SIR को लेकर 311 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को प्रशिक्षण, 24 अगस्त से होगी सुनवाई

रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को गति देने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नामित 311 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को शुक्रवार को प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी पदाधिकारियों को एसआईआर से संबंधित उनके दायित्वों और निर्धारित प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 तथा भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति अथवा विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज न हो।

24 अगस्त से शुरू होगी सुनवाई
प्रशिक्षण में 24 अगस्त से शुरू होने वाली सुनवाई की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया। अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को मतदाताओं द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच, दावे और आपत्तियों के परीक्षण तथा संबंधित मामलों में नोटिस जारी करने की प्रक्रिया समझाई गई।
अधिकारियों को बताया गया कि किसी भी मामले में निर्णय लेने से पहले संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिया जाना जरूरी है। सुनवाई के बाद उपलब्ध तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर स्पष्ट एवं कारणयुक्त स्पीकिंग ऑर्डर तैयार करना होगा।

नो-मैप और तार्किक विसंगति वाले मामलों पर भी प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान नो-मैप, तार्किक विसंगति और अन्य श्रेणियों से जुड़े मामलों के निष्पादन के लिए निर्धारित प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक मामले की जांच पूरी सावधानी से की जाए और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का अक्षरशः पालन हो।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी मतदाता के मामले में निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया जाना चाहिए और संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का समुचित अवसर मिलना चाहिए।
SIR पूरी होने तक अतिरिक्त पदाधिकारियों की रहेगी महत्वपूर्ण भूमिका
के. रवि कुमार ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने तक नामित अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के समान दायित्वों का निर्वहन करेंगे। ये अधिकारी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में दावे एवं आपत्तियों, नोटिस, सुनवाई, दस्तावेजों के सत्यापन और मामलों के निष्पादन में सहयोग करेंगे।
उन्होंने कहा कि अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों द्वारा पारित आदेशों के विरुद्ध अपील जिला निर्वाचन पदाधिकारी के स्तर पर की जा सकेगी। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ लंबित मामलों का निर्धारित समय-सीमा में विधिसम्मत तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
मतदाता सूची की शुद्धता पर रहेगा जोर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया में एक ओर पात्र मतदाताओं को मताधिकार से वंचित होने से बचाना है, वहीं दूसरी ओर मतदाता सूची में अपात्र व्यक्तियों के नाम शामिल होने की संभावना को भी दूर करना है। इसके लिए दस्तावेजों की जांच और सुनवाई की प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से पूरी की जानी चाहिए।
















