प्रतुल शाहदेव का हेमंत सरकार पर हमला, कहा- ‘नाजी जर्मनी की राह पर चल रही JMM सरकार’

रांची: भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने हेमंत सोरेन सरकार और झारखंड मुक्ति मोर्चा पर लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का आरोप लगाया है। पार्टी कार्यालय में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने सरकार की कार्यशैली की तुलना नाजी जर्मनी से करते हुए कहा कि सरकार और पार्टी ने बर्बरता की सारी सीमाएं पार कर दी हैं।
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प्रतुल शाहदेव ने कहा कि धरना-प्रदर्शन से पहले अनुमति और सोशल मीडिया पर लिखने या लाइक करने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन जैसी बातें सामने आना गंभीर विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या झारखंड में अब नागरिकों को अपनी बात रखने के लिए भी पुलिस से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि अघोषित आपातकाल की मानसिकता है।

भाजपा नेता ने संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) और 19(1)(b) का हवाला देते हुए कहा कि नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा का अधिकार प्राप्त है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन इसकी आड़ में विपक्ष, छात्रों और आम नागरिकों की आवाज को दबाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
प्रतुल शाहदेव ने जेपीएससी मामले में भी राज्य सरकार के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले महाधिवक्ता को एडवांस कॉपी उपलब्ध थी, इसके बावजूद सरकार की ओर से मामले में जूनियर अधिवक्ता ने पक्ष रखा।

उन्होंने दावा किया कि पहली सुनवाई के दौरान डिफेक्टिव याचिका का विरोध भी नहीं किया गया और दूसरी पारी में भी महाधिवक्ता ने अपने से जूनियर अधिवक्ता को सरकार की ओर से पक्ष रखने को कहा। प्रतुल ने सरकार से पूछा कि जब मामले की अग्रिम जानकारी थी, तो महाधिवक्ता के साथ वरिष्ठ अधिवक्ताओं को जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी इन सवालों का जवाब मांग रहे हैं।
















