एनजीटी के आदेश की अनदेखी, दिन के उजाले से रात के अंधेरे तक नदियों से अवैध बालू उठाव

निर्मल सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गुमला: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों के बावजूद गुमला जिले में बालू का अवैध खनन और तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही है। आरोप है कि दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक नदियों से बेखौफ बालू का उठाव किया जा रहा है। शहर में एक ट्रैक्टर बालू करीब 3000 रुपये में बेचे जाने की बात सामने आ रही है। अवैध खनन से जहां सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं नदियों के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर भी खतरा मंडरा रहा है।
जानकारी के अनुसार, जिले के वन्यजीव आश्रयणी क्षेत्र से होकर गुजरने वाली दो नदियों से बालू निकासी पर पूरी तरह रोक है। इसके बावजूद बिचौलियों और तस्करों द्वारा कथित रूप से लगातार बालू का अवैध कारोबार किया जा रहा है।

टास्क फोर्स गठन के बाद भी नहीं थमा अवैध कारोबार
अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए उपायुक्त की ओर से टास्क फोर्स का गठन किया गया है। वहीं, एसपी की मासिक समीक्षा बैठक में भी संबंधित अधिकारियों को अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर इसका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है।
लगातार खनन से नदियों के अस्तित्व पर खतरा
नदियों से लगातार बालू निकाले जाने के कारण उनका प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित होने की आशंका है। इससे नदी किनारे बने पुल-पुलियों की नींव पर भी खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बालू की ढुलाई में ऐसे ट्रैक्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिनकी नंबर प्लेट या तो नहीं है या नंबर मिटे हुए हैं। इससे वाहनों की पहचान छिपाने की कोशिश किए जाने का आरोप है।

पुलिस पिकेट के सामने से गुजरते हैं बालू लदे ट्रैक्टर
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर के प्रमुख मार्गों और पुलिस पिकेट के सामने से भी बालू लदे ट्रैक्टर दिन-रात गुजरते हैं, लेकिन उन पर प्रभावी रोक-टोक नहीं हो रही है। इससे प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और अवैध खनन एवं परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
क्या कहते हैं जिला खनन पदाधिकारी
जिला खनन पदाधिकारी राम नरेश सिंह ने बताया कि उनके पास अतिरिक्त प्रभार है और उन्हें दो जिलों का कार्य देखना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वे अभी नए आए हैं और लंबित कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं। अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए अनुमंडल और अंचल स्तर पर टास्क फोर्स के गठन का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द अवैध बालू कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
















