SIR को लेकर भाजपा का झारखंड सरकार पर हमला, आदित्य साहू ने लगाया तुष्टिकरण का आरोप

रांची: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर झारखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में हेमंत सोरेन सरकार पर SIR प्रक्रिया को प्रभावित करने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो भाजपा इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार SIR प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि संथाल परगना में मतदाता सूची को लेकर सामने आ रही विसंगतियां केवल मतदाता सूची का विषय नहीं, बल्कि लोकतंत्र की पारदर्शिता से जुड़ा मामला है। साहिबगंज, राजमहल और पाकुड़ में उम्र और मतदाताओं की संख्या में कथित गड़बड़ियों का हवाला देते हुए उन्होंने संवेदनशील इलाकों में मतदाता सूची के शत-प्रतिशत सत्यापन की मांग की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि “हेमंत सरकार ने अधिकारियों को सरकारी सेवक नहीं, बल्कि झामुमो-कांग्रेस के पोलिंग एजेंट बनाकर रख दिया है।” उन्होंने दावा किया कि प्रशासन की मिलीभगत से एक खास वर्ग के अधिक से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का प्रयास किया जा रहा है।
आदित्य साहू ने पाकुड़ के बरहरवा क्षेत्र का मामला उठाते हुए कहा कि आहुत ग्राम में कथित फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने के प्रयास के मामले में चार अपात्र व्यक्तियों और एक कॉमन सर्विस सेंटर संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है और पूरे मामले की जांच आवश्यक है।

उन्होंने साहिबगंज के राजमहल और बोरियो विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या तथा उम्र से जुड़ी कथित विसंगतियों का भी उल्लेख किया। भाजपा नेता ने कहा कि कुछ मामलों में पिता-पुत्र की उम्र में बेहद कम अंतर और मतदाता सूची में रिश्तों को लेकर भी गड़बड़ियां सामने आई हैं।
साहू ने कहा कि भाजपा मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगी और ऐसे मामलों का पर्दाफाश करेगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की नीयत साफ है तो मतदाता सूची से जुड़ी हर शिकायत की जांच कराने में उसे कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्ष तरीके से काम करने की नसीहत देते हुए चेतावनी दी कि सरकारी तंत्र को राजनीतिक दबाव में काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमों के विरुद्ध काम करने वाले अधिकारियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने कहा कि अधिकारियों को स्वच्छ और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने ऑनलाइन की बजाय ऑफलाइन प्रमाण पत्र बनाने की छूट देने के फैसले पर भी सवाल उठाया और इसे संदिग्ध मतदाताओं के नाम बनाए रखने की कवायद बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि संथाल परगना के कुछ इलाकों में बांग्लादेशी घुसपैठियों के वोटर आईडी, आधार और पैन कार्ड बनने की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में प्रज्ञा केंद्र संचालकों की कथित भूमिका की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। प्रेसवार्ता में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह और प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश सिंह भी मौजूद रहे।
















