धनबाद : एसएसपी प्रभात कुमार का नाम देश में चमका, बैंक मोड़ की घटना से पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
सड़क हादसे के बाद बवाल, ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर महिला को चलती बाइक से धक्का देने का आरोप; एसएसपी बोले- निष्पक्ष जांच होगी, दोषी पर कार्रवाई तय
धनबाद। धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने अपनी कार्यकुशलता और प्रभावी पुलिसिंग के लिए देश के शीर्ष 25 पुलिस अधिकारियों की सूची में जगह बनाई है। उन्हें इस सूची में शामिल झारखंड का एकमात्र पुलिस अधिकारी बताया जा रहा है। हालांकि, इसी बीच बैंक मोड़ थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मी के व्यवहार को लेकर सामने आई एक घटना ने पुलिस की कार्यशैली और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैंक मोड़ थाना क्षेत्र में सड़क हादसे के बाद शुक्रवार को उस समय हंगामा हो गया, जब एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर चेकिंग के दौरान बाइक सवार महिला को कथित तौर पर धक्का देने का आरोप लगा। धक्का लगने के बाद महिला सड़क पर गिरकर घायल हो गई। घटना के बाद महिला के बेटे और मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक एएसआई से विवाद हो गया।

चेकिंग के दौरान महिला के गिरने पर विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला अपने बेटे के साथ बाइक पर सवार होकर घर जा रही थी। इसी दौरान चेकिंग कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने बाइक को रोकने के लिए हाथ दिया। आरोप है कि पुलिसकर्मी का हाथ महिला को लगा, जिससे वह बाइक से गिर गई और घायल हो गई।
महिला के घायल होने के बाद मौके पर मौजूद लोगों और उसके बेटे ने पुलिसकर्मी के व्यवहार पर नाराजगी जताई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ने और उसके साथ हाथापाई किए जाने की बात भी सामने आई है। एक युवक द्वारा पुलिसकर्मी पर हाथ उठाने का आरोप भी लगाया गया है।
पुलिसकर्मी ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने महिला को धक्का देने के आरोप से इनकार किया है। उसका कहना है कि महिला बाइक पर जा रही थी और अचानक असंतुलित होकर सड़क पर गिर गई। पुलिसकर्मी के मुताबिक, हादसे के बाद वह महिला की मदद के लिए मौके पर पहुंचा था, लेकिन इसी दौरान महिला के बेटे और कुछ राहगीरों के साथ उसका विवाद हो गया।
हंगामे की सूचना मिलने पर स्थानीय पार्षद मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। घायल महिला को इलाज के लिए स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महिला झरिया की रहने वाली बताई जा रही है।
बैंक मोड़ थाना पुलिस ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि महिला किस परिस्थिति में बाइक से गिरी और विवाद के दौरान दोनों पक्षों की ओर से क्या हुआ।
गिरिडीह की घटना के बाद फिर पुलिस के व्यवहार पर सवाल
गौरतलब है कि दो दिन पहले गिरिडीह के नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह को एक युवक की कथित पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद लाइन क्लोज किया गया था। ऐसे में धनबाद की यह घटना एक बार फिर पुलिसकर्मियों के व्यवहार, ड्यूटी के दौरान संयम और जवाबदेही को लेकर चर्चा का विषय बन गई है।
एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा- निष्पक्ष जांच होगी
मामले पर धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने स्पष्ट कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने आम लोगों से भी कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी की गलती है तो उसकी शिकायत की जानी चाहिए और कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी। पुलिसकर्मी के साथ मारपीट या हाथ उठाना भी उचित नहीं है। कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक ओर एसएसपी प्रभात कुमार की कार्यकुशलता ने धनबाद पुलिस की छवि को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है, वहीं दूसरी ओर उनके अधीन तैनात पुलिसकर्मी पर लगे इस तरह के आरोप ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि जमीनी स्तर पर पुलिसिंग के दौरान आम लोगों के साथ व्यवहार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग की निगरानी कितनी प्रभावी है।


















