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बिहार-झारखंड के 150 लोगों ने 15 देशों में खपाई 250 करोड़ की काली कमाई, आयकर रिटर्न में विदेशी संपत्ति छिपाने का आरोप

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बिहार और झारखंड से जुड़े करीब 150 लोगों की विदेशी संपत्ति और बैंक खातों को लेकर आयकर विभाग ने जांच शुरू की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन लोगों पर विदेशों में करीब 250 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति रखने या निवेश करने का आरोप है। इनमें बिहार के 70 और झारखंड के 80 लोग शामिल बताए गए हैं।

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रिपोर्ट के अनुसार, इन लोगों ने अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, मलेशिया, जर्मनी, फ्रांस, सिंगापुर और रूस समेत 15 से अधिक देशों में बैंक खातों और संपत्तियों में निवेश किया है। आयकर रिटर्न में इन विदेशी संपत्तियों और बैंक खातों की पूरी जानकारी नहीं दिए जाने की बात सामने आई है।

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विदेशों में मकान से लेकर बैंक खातों तक निवेश

रिपोर्ट में बताया गया है कि विदेशों में संपत्ति और बैंक खाते रखने वालों में पटना, रांची और जमशेदपुर जैसे शहरों के लोग भी शामिल हैं। कुछ लोगों ने दुबई, हांगकांग, सिंगापुर और अन्य देशों में निवेश किया है।

बताया गया है कि जांच के दायरे में आए लोगों की सूची में बिहार के 70 और झारखंड के 80 लोग शामिल हैं। इन लोगों ने विदेशों में संपत्ति खरीदने के साथ-साथ अलग-अलग देशों के बैंकों में रकम जमा कर रखी है।

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CBDT को 15 देशों से मिली जानकारी

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) को विभिन्न देशों से साझा की गई वित्तीय सूचनाओं के आधार पर यह जानकारी मिली है। भारत को विदेशी वित्तीय खातों और संपत्तियों से संबंधित जानकारी ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन (AEOI) व्यवस्था के तहत मिलती है।

भारत ने 100 से अधिक देशों के साथ इस तरह की वित्तीय सूचना साझा करने की व्यवस्था कर रखी है। इसके तहत संबंधित देशों से भारतीय नागरिकों के विदेशी वित्तीय खातों की जानकारी प्राप्त होती है।

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आयकर रिटर्न में विदेशी संपत्ति का जिक्र नहीं

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जांच के दायरे में आए लोगों ने आयकर रिटर्न दाखिल करते समय अपनी विदेशी संपत्तियों और बैंक खातों की पूरी जानकारी नहीं दी।

इसी आधार पर आयकर विभाग ने संबंधित लोगों से स्पष्टीकरण मांगने की प्रक्रिया शुरू की है। रिपोर्ट के अनुसार, 150 लोगों को ई-सम्मन जारी कर पांच प्रमुख सवाल पूछे गए हैं।

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इनमें मुख्य रूप से पूछा गया है—

1. विदेशी संपत्ति और बैंक खातों की जानकारी आयकर रिटर्न में क्यों नहीं दी गई?

2. विदेश में निवेश की गई रकम और संपत्तियों का स्रोत क्या है?

3. करदाता और उसके परिवार की कुल वार्षिक/मासिक आय कितनी है?

4. जिस देश में संपत्ति मिली है, वहां परिवार का कौन सदस्य या रिश्तेदार रहता है?

5. संबंधित देश की अब तक कितनी यात्राएं की गई हैं?

जवाब नहीं मिला तो संपत्ति जब्ती की कार्रवाई संभव

रिपोर्ट के अनुसार, यदि संबंधित लोगों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो आयकर विभाग आगे की जांच और कार्रवाई कर सकता है। इसमें संबंधित देशों की सरकारों से संपर्क कर बैंक खातों और संपत्तियों की जानकारी जुटाने तथा जरूरत पड़ने पर संपत्ति फ्रीज/जब्त करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है।

कानून में क्या प्रावधान है?

मीडिया रिपोर्ट में आयकर कानून के तहत विदेशी संपत्ति और वित्तीय हितों की जानकारी देना अनिवार्य बताया गया है। साथ ही ब्लैक मनी (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) तथा कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के तहत अघोषित विदेशी संपत्ति और आय के मामलों में कार्रवाई का प्रावधान है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अघोषित विदेशी संपत्ति पर 30 प्रतिशत कर और 90 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा विदेशी संपत्ति की जानकारी छिपाने पर अलग से 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। गंभीर मामलों में 3 से 10 वर्ष तक के कठोर कारावास का भी प्रावधान है। अगर मामला ज्यादा गंभीर हुआ और मनी ट्रेल दिखी तो ED भी अपनी जांच शुरू कर सकता है।

 

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Drishti Now Desk

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