WhatsApp Image 2020 12 17 at 14.49.00

पंचायत चुनाव नहीं होने से अफसरशाही बढ़ेगी विकास कार्य होगा प्रभावित

मो०अरबाज / लातेहार

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की लातेहार के पूर्व जिला सचिव अयुब खान ने एक प्रेस वक्तव्य जारी कर पंचायत चुनाव तत्काल कराए जाने की मांग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार से की है। पार्टी ने कहा कि पहले से कोष आवंटन के मामले मे झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार कर रही केंद्र की भाजपा सरकार इसका बहाना बनाकर फंड रोकने की कोशिश करेगी। वहीं पंचायत चुनाव के बदले वैकल्पिक व्यवस्था सही नहीं होगा, पंचायती राज मंत्री के इस कथन से पार्टी सहमत नहीं है कि जब तक पंचायत चुनाव नहीं हो जाता है तब तक के लिए पंचायती राज व्यवस्था के संचालन के लिए सरकार वैकल्पिक व्यवस्था करेगी। विभागीय मंत्री का यह कथन भी अलोकतांत्रिक है कि पंचायतों मे समुह या समिति का गठन किया जाएगा। झारखंड पंचायत राज अधिनियम मे भी कोई तदर्थ कमिटी बनाकर पंचायतों का संचालन किये जाने का कोई प्रावधान नही है। सीपीआई (एम) की स्पष्ट समझ है कि राज्य सरकार को पंचायत चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया मे कोई प्रयोग नहीं करना चाहिए, रही बात कोरोना महामारी की तब इसी दौर मे बिहार विधानसभा का चुनाव, झारखंड मे दो उप चुनाव और राजस्थान व केरल जैसे राज्य मे स्वास्थ्य मंत्रालय के गाइडलाइन का पालन करते हुए पंचायत और स्थानीय निकाय के चुनाव कराए गए हैं। इसलिए राज्य सरकार को पंचायत चुनाव कराए जाने के काम को प्राथमिकता के आधार पर लेकर अविलंब राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति कर पंचायत चुनावों के तारीखों की घोषणा करनी चाहिए। समय पर पंचायत चुनाव नहीं होने से राज्य मे चल रहा ग्रामीण विकास का कार्य प्रभावित होगा और पहले से ही इस व्यवस्था पर हावी अफसरशाहों को पूरा अधिकार मिल जाएगा इस लिए राज्य हित में सरकार को पंचायत चुनाव की तारीखों की घोषणा तत्काल करनी चाहिए।

Share via
Share via