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रांची में कुत्ते के काटने के बाद एल्विस टोप्पो की मौत, रेबीज के लक्षणों से मचा हड़कंप

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रांची: कुत्ते के काटने को मामूली समझना एक व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हुआ। रांची के लटमा निवासी 38 वर्षीय एल्विस टोप्पो की रेबीज के लक्षण सामने आने के बाद मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, जुलाई में कुत्ते के काटने के बाद उन्होंने कथित तौर पर एंटी-रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई थी। उन्हें सिर्फ टेटनस का इंजेक्शन देकर वापस कर दिया गया। उनकी मौत के बाद कुत्ते के काटने पर लापरवाही बरतने के खतरों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

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हाथ-पैर कांपने लगे, मुंह से निकलने लगा झाग

एल्विस टोप्पो की पत्नी संविता टोप्पो गुरुवार को काम से घर लौटीं तो पति की हालत देखकर घबरा गईं। एल्विस के हाथ-पैर कांप रहे थे और वह असामान्य व्यवहार कर रहे थे। इसके बाद परिजन उन्हें दोपहर करीब 2:30 बजे रांची सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर भी एल्विस की हालत गंभीर बनी रही। वह बेचैन थे और उनके मुंह से झाग निकल रहा था। कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। अखबार की खबर में डॉक्टरों की डेथ रिपोर्ट में रेबीज से मौत दर्ज होने का उल्लेख किया गया है।

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जुलाई में कुत्ते ने काटा था

रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में एल्विस को कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद उन्हें एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल भेजा गया था, लेकिन कथित तौर पर उन्होंने एंटी-रेबीज वैक्सीन के बजाय केवल टिटनेस का इंजेक्शन लिया और घर लौट आए। कुत्ते के काटने के बाद रेबीज से बचाव के लिए निर्धारित उपचार नहीं लेना घातक साबित हो सकता है। टिटनेस का इंजेक्शन रेबीज से सुरक्षा नहीं देता।

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झारखंड में बढ़ रहे डॉग बाइट के मामले

अखबार में स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के हवाले से झारखंड में डॉग बाइट के मामलों में बढ़ोतरी बताई गई है। प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में 31,490, 2022 में 2,16,692, 2023 में 4,11,136, 2024 में 5,17,870 और 2025 में 6,13,372 मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2026 के आंकड़े अक्टूबर तक के बताए गए हैं।

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कुत्ता काटे तो तुरंत कराएं इलाज

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुत्ते के काटने या खरोंच लगने पर घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक धोना चाहिए। इसके बाद बिना देरी किए अस्पताल जाकर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। जरूरत के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन और रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन दिया जाता है।

 

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रिक्की राज

रिक्की राज

रिपोर्टर

रिक्की राज को पिछले दस वर्षों का मीडिया के क्षेत्र का अनुभव है । इस दौरान पांच वर्षो से इन्होंने डिजिटल मीडिया के लिए इन्होंने कई बड़ी खबरों का कवरेज किया है ।