सिमडेगा में चार महीने में खुले 16 हजार बचत खाते, डिजिटल बैंकिंग से जुड़े 65 हजार से अधिक लोग

सिमडेगा: कभी चिट्ठियों और मनीऑर्डर तक सीमित रहने वाला डाकघर अब डिजिटल बैंकिंग, बीमा और आधार जैसी आधुनिक सेवाओं का केंद्र बन रहा है। सिमडेगा जिले में डाक विभाग की ओर से पिछले चार महीने में 16 हजार बचत खाते खोले गए हैं। वहीं, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से अब तक 65 हजार से अधिक खाते खोले जा चुके हैं। डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को बैंकिंग और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
गुमला के डाक अधीक्षक आशुतोष सिन्हा ने बताया कि भारतीय डाक विभाग की ओर से 9 से 14 अक्टूबर तक डाक सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों के साथ सामाजिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ डाक विभाग अपनी सेवाओं को आधुनिक बना रहा है, जिससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही कई सुविधाएं मिल रही हैं।

जिले में 121 डाक सेवा केंद्र, 240 कर्मचारी कार्यरत
डाक निरीक्षक विनय कुमार के अनुसार, सिमडेगा जिले में 121 डाक सेवा केंद्र और छह उप डाकघर संचालित हैं। विभाग में कुल 240 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 190 ग्रामीण डाक सेवक शामिल हैं। जिले में ग्रामीण डाक सेवकों के 60 पद रिक्त हैं। इन पदों पर चरणबद्ध तरीके से बहाली की प्रक्रिया जारी है।

डाक बीमा में भी जिले की उपलब्धि
डाक विभाग ने बीमा कारोबार में भी अपनी उपस्थिति मजबूत की है। सिमडेगा के पोस्टमास्टर विजय कुमार चौधरी ने बताया कि 24 सितंबर 2025 को चलाए गए विशेष अभियान में विभाग ने एक करोड़ आठ लाख रुपये का व्यवसाय किया था। इस दौरान डाक बीमा की 1,500 पॉलिसियां बेची गई थीं। इस उपलब्धि के लिए जिले के डाकघर को सम्मानित किया गया था।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष डाक विभाग ने पांच करोड़ रुपये का व्यवसाय किया और पांच हजार से अधिक बीमा पॉलिसियां बेचीं। उनके अनुसार, अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग से सिमडेगा का मुख्य डाकघर आधुनिक सुविधाओं से लैस हुआ है और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम बना है।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से 65 हजार से अधिक खाते
डाक निरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से वर्ष 2018 में डिजिटल खाते खोलने की शुरुआत हुई थी। इसके बाद से जिले में अब तक 65 हजार से अधिक खाते खोले जा चुके हैं। बैंकिंग सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए जिले में 128 बेसिक आउटलेट और 27 बीसी प्रज्ञा केंद्र भी कार्यरत हैं।

आधार सेवाओं में भी डाक विभाग की भूमिका
डाक विभाग आधार से जुड़ी सेवाओं के माध्यम से भी लोगों को सहूलियत दे रहा है। विनय कुमार के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान जिले के दो डाक केंद्रों के माध्यम से 35 हजार से अधिक लोगों के आधार को मोबाइल नंबर से लिंक किया गया। वहीं, शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों के 17 हजार से अधिक नए आधार कार्ड बनाए गए हैं।

गांवों तक पहुंच रहीं आधुनिक सुविधाएं
डाक विभाग की डिजिटल पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बैंकिंग, बचत, बीमा और आधार संबंधी सेवाओं के लिए बार-बार शहर जाने की जरूरत कम हो रही है। ग्रामीण डाक सेवक तकनीक के सहारे गांवों में ही इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

डाकघर की बदलती कार्यप्रणाली इस बात का संकेत है कि पारंपरिक डाक व्यवस्था अब आधुनिक जरूरतों के अनुरूप अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही है। चिट्ठियां पहुंचाने से शुरू हुआ सफर अब डिजिटल बैंकिंग, बीमा और आधार सेवाओं तक पहुंच चुका है।

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