आरा में सुबह की सैर पर निकले क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष की गोली मारकर हत्या, भूमि विवाद की आशंका

आरा: बिहार के भोजपुर जिले के आरा में गुरुवार सुबह हथियारबंद अपराधियों ने क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त कस्टम इंस्पेक्टर रामकुमार सिंह (70) की गोली मारकर हत्या कर दी। वह रोजाना की तरह सुबह टहलने निकले थे। इसी दौरान नवादा थाना क्षेत्र के महाराजा हाता-स्टेशन रोड पर जैन कॉलेज के समीप अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार, अपराधियों ने रामकुमार सिंह को निशाना बनाते हुए कई राउंड फायरिंग की। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उनके शरीर पर सात से आठ जगह गोलियों के निशान मिलने की बात सामने आई है। पुलिस ने घटनास्थल से पांच से छह खोखे बरामद किए हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गए।
रामकुमार सिंह की हत्या के बाद परिजनों ने भूमि विवाद को घटना की संभावित वजह बताया है। उनके पुत्र रमेश कुमार और पत्नी सुशीला देवी के अनुसार, रामकुमार सिंह को पहले भी धमकियां मिली थीं। परिजनों ने कुछ लोगों पर नामजद आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
रामकुमार सिंह मूल रूप से भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के झौंवा डुमरिया गांव के निवासी थे। वर्तमान में वह आरा के महाराजा हाता इलाके में रह रहे थे। कस्टम इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वह सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे। क्षत्रिय कल्याण संगठन की स्थापना के समय से ही वह अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी हत्या की खबर से परिजनों और संगठन से जुड़े लोगों में शोक है।
घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीओ-1 सुशील कुमार, नवादा थानाध्यक्ष कुमार रजनीकांत और डीआईयू की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। वहीं, एफएसएल की टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस परिजनों से पूछताछ करने के साथ ही नामजद आरोपों की जांच और हमलावरों की पहचान में जुटी है।
सुबह की सैर के दौरान हुई इस हत्या ने आरा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के सामने अब हत्याकांड की वजह का पता लगाने और फरार अपराधियों को गिरफ्तार करने की चुनौती है।
















