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जन सुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता की मौत, झारखंड के जंगल में मिला शव; चलती ट्रेन से हुए थे लापता

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प्रशांत किशोर की पार्टी की संचार टीम से जुड़े थे देवपालिक, रांची से पटना जाने के दौरान जनशताब्दी एक्सप्रेस से अचानक हो गए थे गायब

रांची। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की संचार टीम के सदस्य देवपालिक गुप्ता की मौत की खबर सामने आई है। ANI के अनुसार, उनका शव झारखंड के एक जंगल में मिला है। देवपालिक पार्टी में डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर के रूप में कार्यरत थे। वह रांची से पटना जाने के दौरान जनशताब्दी एक्सप्रेस से लापता हो गए थे। उनके लापता होने के बाद रेलवे पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। अब जंगल में शव मिलने की खबर से मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।

चलती ट्रेन से अचानक लापता हो गए थे देवपालिक

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, देवपालिक गुप्ता 26 अक्टूबर को रांची से पटना जाने के लिए जनशताब्दी एक्सप्रेस में सवार हुए थे। उनके साथ उनके मित्र और सहकर्मी गौतम कुमार भी यात्रा कर रहे थे। ट्रेन के रवाना होने के कुछ देर बाद देवपालिक ने खाना लेने के लिए पैंट्री कार जाने की बात कही। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। काफी देर तक उनके नहीं लौटने पर सहकर्मी ने उनकी तलाश शुरू की। ट्रेन के अलग-अलग कोचों में खोजबीन के बावजूद उनका पता नहीं चला। इसके बाद मुरी जंक्शन पर रेलवे पुलिस को सूचना दी गई। मामले की जांच के दौरान रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की जांच किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।

झारखंड के जंगल में मिला शव

ANI की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, देवपालिक गुप्ता का शव झारखंड के एक जंगल में बरामद हुआ है। हालांकि, शव किस जिले और किस जंगल में मिला, इसकी विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि उनकी मौत हादसे, आत्महत्या या किसी आपराधिक घटना के कारण हुई।

IIMC दिल्ली के पूर्व छात्र थे देवपालिक

देवपालिक गुप्ता उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के निवासी बताए गए हैं। उनकी उम्र 31 वर्ष बताई गई है। उन्होंने दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पढ़ाई की थी। वह प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की संचार टीम में डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर के रूप में काम कर रहे थे।

लापता होने से शव मिलने तक की घटनाक्रम पर उठे सवाल

देवपालिक के चलती ट्रेन से लापता होने और बाद में झारखंड के जंगल में उनका शव मिलने की घटनाओं के बीच की परिस्थितियां अब जांच का अहम हिस्सा होंगी। पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि वह ट्रेन से कहां और कैसे अलग हुए तथा जंगल तक कैसे पहुंचे। फिलहाल शव मिलने की सूचना सामने आई है, लेकिन घटना की पूरी कड़ी और मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। पुलिस की ओर से विस्तृत बयान मिलने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

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