झारखंड के 1.75 लाख सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा विशेष सैलरी पैकेज, यूनियन बैंक के साथ सरकार ने किया एमओयू

रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के करीब 1.75 लाख सरकारी कर्मचारियों को विशेष बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ समझौता किया है। बुधवार को झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में राज्य के वित्त विभाग और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत कर्मचारियों को विशेष सैलरी पैकेज का लाभ मिलेगा। इसमें दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य सुरक्षा और रियायती दरों पर विभिन्न प्रकार के ऋण जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
समझौते के तहत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में सैलरी अकाउंट रखने वाले राज्य सरकार के कर्मचारियों को आकस्मिक मृत्यु बीमा कवर, पूर्ण एवं आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता और एयर एम्बुलेंस सहित आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा व्यक्तिगत ऋण, गृह ऋण और वाहन ऋण रियायती दरों पर उपलब्ध कराने के साथ निःशुल्क एटीएम कार्ड और डिजिटल बैंकिंग की सुविधाएं भी दी जाएंगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैंकों से गरीब, वंचित और आदिवासी समुदाय के वित्तीय सशक्तिकरण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि झारखंड आदिवासी बहुल राज्य है। ऐसे में बैंकिंग क्षेत्र में आदिवासी समुदाय को विशेष प्राथमिकता और लाभ मिलना चाहिए। बैंकिंग सुविधाएं केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब, पिछड़े और जरूरतमंद लोगों तक भी इनका विस्तार होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समुदाय की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियां विशिष्ट हैं। उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा और जीवन स्तर बेहतर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। राज्य के आदिवासी समाज का संघर्ष और योगदान देश के इतिहास में महत्वपूर्ण रहा है। भगवान बिरसा मुंडा सहित झारखंड के अनेक वीर सपूतों ने देश की आजादी और स्वाभिमान की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विशेष पहल की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बैंकों से युवाओं, छोटे उद्यमियों और जरूरतमंद लोगों के लिए ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सरल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इनके माध्यम से युवा ऋण लेकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बैंकिंग प्रक्रिया आसान होने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि आम लोगों का बैंकिंग व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होना जरूरी है। बैंक ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराएं, जिनसे लोग आसानी से बैंकिंग प्रणाली से जुड़ सकें और उसका लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ओर से राज्य सरकार के कर्मचारियों के हित में यह पहल की गई है। सरकार चाहती है कि बैंक का सहयोग और व्यापक हो तथा यह साझेदारी भविष्य में आम नागरिकों तक भी पहुंचे। उन्होंने इस समझौते के लिए बैंक प्रबंधन का आभार जताया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सचिव प्रशांत कुमार, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के जोनल हेड गुणा चन्द्र गामी, इकोसिस्टम हब हेड रंजीत सहित बैंक के वरीय पदाधिकारी और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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